कोरोना वैक्सीनेशन सेंटरों पर भीड़भाड़ ज्यादा हो जाने से लोगों को इस बात की चिंता सता रही थी कि कहीं वे वैक्सीन लगवाने जाएं और भीड़ के चलते संक्रमित न हो जाएं। इसका हल ‘ड्राइव थ्रू वैक्सीनेशन’ के जरिये निकल गया है। अब आपको वैक्सीन लगवाने के लिए किसी सेंटर पर रुकने की जरूरत नहीं रह गई है। अब आप कार में बैठे-बैठे ही वैक्सीन लगवा सकेंगे और इसके दौरान किसी के संक्रमण में आने से भी बच सकेंगे।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को इस योजना की शुरुआत बुधवार को दिल्ली में की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इससे लोगों को वैक्सीन के लिए जाने में बिलकुल भी संकोच नहीं होगा और ज्यादा से ज्यादा लोग वैक्सीन लगवाने के लिए सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जल्दी ही और वैक्सीनेशन सेंटर खोले जाएंगे।
दिल्ली में ड्राइव थ्रू वैक्सीनेशन सेंटर ऐसे समय में शुरू किया जा रहा है जब यहां वैक्सीन की बहुत ज्यादा कमी हो गई है। 18-44 साल के युवाओं के लिए वैक्सीन खत्म हो गई है और इसके कारण सैकड़ों वैक्सीनेशन सेंटर बंद करने पड़े हैं। केजरीवाल ने कहा कि अभी 44 साल से ऊपर वाले ग्रुप के लिए सरकार ने अभी कोविशील्ड की वैक्सीन थोड़े दिनों के लिए बंद की है। मैं उम्मीद करता हूं कि केंद्र सरकार भी प्रयास कर रही है कि जल्दी से दिल्ली को ज्यादा से ज्यादा वैक्सीन मिलेगी, ताकि हम वैक्सीनेशन की कम हुई गति को बढ़ा सकेंगे।
हर महीने चाहिए 80 लाख वैक्सीन
केजरीवाल ने कहा कि हमने केंद्र सरकार को लिखा है कि दिल्ली को प्रतिमाह कम से कम 80 लाख वैक्सीन की जरूरत है। इसके लिए मैंने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। मनीष सिसोदिया ने भी इसके लिए स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखा है, लेकिन अभी तक वैक्सीन उपलब्ध नहीं हो पाई है।