शाहीन बाग, जिस मुद्दे ने दिल्ली की राजनीति में तहलका मचा रखा है, वहां चल रहा विरोध प्रदर्शन दो घंटे में खत्म हो सकता है। दिल्ली पुलिस ने इसके लिए पूरी तैयारी कर रखी है। आदेश मिलते ही दो घंटे में शाहीन बाग को खाली करा दिया जाएगा। कौन अफसर दिल्ली पुलिस के विशेष ऑपरेशन को लीड करेगा, कुल कितने जवान होंगे और दिल्ली पुलिस की मदद के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की कितनी बटालियन रहेंगी, ये सब तय हो चुका है।
दिल्ली पुलिस के एक उच्च पदस्थ सूत्र के अनुसार, शाहीन बाग जैसे लंबे चलने वाले प्रदर्शन के दौरान ऑपरेशनल रणनीति बदलती रहती है। यह सब कुछ निर्भर करता है कि प्रदर्शन में लोगों की संख्या कितनी है। प्रदर्शन को लेकर खुफिया रिपोर्ट क्या कहती है। यह रिपोर्ट भी किसी एक एजेंसी से नहीं, बल्कि दो-तीन एजेंसियों से जानकारी लेकर किसी आखिरी नतीजे पर पहुंचा जाता है। जैसे दिल्ली है तो यहां पर पुलिस की अपनी खुद की इंटेलीजेंस विंग है।
ऑपरेशन शुरू करने से पहले यह देखा जाता है कि प्रदर्शन वाली जगह पर संदिग्ध लोग कितने हो सकते हैं। क्या उनके पास घातक हथियार हैं, पेट्रोल एवं दूसरे हानिकारक केमिकल या विस्फोटक सामग्री तो नहीं है। आसपास के इलाके में ऐसे कितने लोग हैं, जो पुलिस कार्रवाई का विरोध कर सकते हैं। पथराव और घातक हथियार, इस बाबत पहले ही पुख्ता जानकारी जुटा ली जाती है।
शाहीन बाग में इन सब बातों की पुख्ता रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। अर्धसैनिक बलों को पहले ही सूचित कर दिया गया है। किस फोर्स के कितने जवान रिजर्व में रहेंगे और कितने ऑपरेशन का हिस्सा होंगे, यह सब तय कर लिया गया है। अगर शाहीन बाग में बीस हजार लोग मौजूद हैं, तो आदेश मिलने के बाद उन्हें दो घंटे में वहां से हटाया जा सकता है। कुछ प्रदर्शनकारियों, जिनमें महिलाएं एवं बच्चे शामिल हैं, उन्हें सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने के लिए करीब 40 बसों की व्यवस्था कर ली गई है।
वाटर कैनन और आंसू गैस का कितना इस्तेमाल होगा, यह सब तैयार है। पुलिस का प्रयास रहेगा कि प्रदर्शनकारियों को बिना किसी शारीरिक नुकसान के शाहीन बाग को खाली करा दिया जाए। इस ऑपरेशन के लिए पुलिस एवं अर्धसैनिक बलों की करीब 15 बटालियनों को तैयार किया गया है। इस तरह की कार्रवाई में हर पुलिसकर्मी को हथियार से लैस रहने के लिए कहा जाता है।
ऑपरेशन के दौरान आसपास के कितने इलाके सील होंगे, इसका प्लान भी बना लिया गया है। अप्रिय घटना होने की स्थिति में आसपास के अस्पतालों में दो सौ से ज्यादा बैड खाली रखे जाते हैं। करीब दर्जनभर एंबुलेंस भी मौके पर मौजूद रहती हैं। उच्चपदस्थ सूत्र के अनुसार, इस तरह का ऑपरेशन ज्यादातर रात एक बजे के बाद ही होता है। हालांकि इसके समय में परिवर्तन किया जा सकता है। दिल्ली पुलिस को जैसे ही आदेश मिलेंगे, शाहीन बाग को खाली करा दिया जाएगा।