वेबसाइट पर फोटो दिखाकर बुकिंग की जाती थी। पैमेंट पेटीएम से होती थी। सेक्स रैकेट को तीन बहन चलाती थीं। जानिए उनके काले कारोबार की सच्चाई।
घटना दिल्ली के उत्तर-पश्चिम जिले की है। पुलिस ने सेक्स रैकेट चलाने वाली तीन बहनों को गिरफ्तार किया है। वह वेबसाइट के माध्यम से रैकेट चला रही थीं। रैकेट का भंडाफोड़ एक लड़की की शिकायत के बाद हुआ।
पुलिस के अनुसार, तीनों बहनें ऑनलाइन पेमेंट के साथ-साथ पेटीएम का इस्तेमाल करती थीं। यह मामला तब सामने आया, जब उन्होंने एक लड़की की फोटो वेबसाइट पर डालकर लोगों को बुक करना शुरू किया।
उक्त लड़की को इस बारे में जानकारी मिलने पर पुलिस के पास शिकायत की। इसके बाद पुलिस ने उनके घर पर छापा मारा और 15 मोबाइल, 20 सिम, 15 बैंक अकाउंट और एक लैपटॉप मिला। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
sonu punjaban
आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही दिल्ली की लेडी डॉन कही जाने वाली और सेक्स रैकेट चलाने के लिए कुख्यात सोनू पंजाबन उर्फ गीता अरोड़ा (40) को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। अपराध शाखा ने इस बार उसे अगवा कर 16 वर्षीय किशोरी से वेश्यावृत्ति कराने के आरोप में उसे गिरफ्तार किया था।
मकोका में आरोपी रही सोनू पंजाबन अक्तूबर 2014 में तिहाड़ जेल से छूटी थी। इसके बाद उसने अपना नेटवर्क दोबारा सेट कर धंधा शुरू कर दिया था। गिरफ्तारी के समय सोनू पंजाबन ने कमला मार्केट थाने में खूब हंगामा किया।
बाद में उसे शांत कराया गया। अपराध शाखा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अगस्त 2014 में 16 वर्षीय किशोरी घर के पास से रहस्यमय हालात में गायब हो गई थी। परिजनों की सूचना पर नजफगढ़ थाना पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की।
किशोरी का पता न चलने पर तफ्तीश 2017 के शुरुआती माह में अपराध शाखा को सौंप दी गई। पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस व अन्य तरीकों से किशोरी की तलाश की, पर नाकाम रही। इधर, जून 2017 में अचानक किशोरी खुद ही घर लौट आई। उसने जो खुलासे किए, उससे परिवार के होश उड़ गए।
किशोरी ने बताया कि घर के पास से ही दो युवकों ने उसे जबरन अगवा कर लिया। बाद में उसे खुद को सोनू पंजाबन बताने वाली महिला के सामने पेश किया गया। काफी समय तक सोनू ने बंधक बनाकर उससे वेश्यावृत्ति कराई। बाद में लखनऊ के एक दलाल को बेच दिया गया। किशोरी गर्भवती हुई तो उसे गर्भपात कराने के लिए कहा गया।