खुद को साधू कहने वाले की नापाक करतूत, महिलाओं के अंतर्वस्त्र चुराता था
- फोटो : demo
वो चुपके से रात में आता था। छत पर सूख रहे महिलाओं के अंतर्वस्त्र समेटता था और लेकर भाग जाता था। मुहल्ले में ऐसा कोई घर नहीं बचा जहां उसने इस करतूत को अंजाम न दिया हो। रोजाना गायब होते अंतर्वस्त्रों से महिलाएं परेशान हो गईं। एक वकील साहब के साथ भी जब ये हादसा हुआ तो चौकन्ने हो गए और छत पर सीसीटीवी कैमरा लगा दिया।
आखिरकार करतूत को अंजाम देते वक्त वो तीसरी आंख में कैद हो गया। चौकाने वाली बात ये थी कि महिलाओं के अंतर्वस्त्र चुराने वाला कोई और नहीं बल्कि मोहल्ले का ही एक पुजारी निकला जो पास के मंदिर में अपनी सेवाएं देता था और भगवा चोला ओढ़कर खुद को साधू कहता था।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक 57 वर्षीय विजयकुमार को महिलाओं के अंतर्वस्त्र चुराने के आरोप में जेल भेज दिया गया है। विजयकुमार शादीशुदा है। एक लड़का भी है। आरोपी का घर टोंडियारपेट के मुरुगेसन मार्ग पर है।
भगवा धारण करने की वजह से कभी किसी का शक विजयकुमार पर नहीं गया, लेकिन मुहल्ले की कई औरतों ने स्वीकारा कि उन्होंने रात-बिरात उसे आते-जाते देखा। विजयकुमार की करतूत से पर्दा तब उठा जब मद्रास हाईकोर्ट में वकालत करने वाले शशिकुमार ने छत पर सीसीटीवी कैमरा लगाया।