यूपी के मथुरा में शख्स पर अपने ही भांजे को पीट-पीटकर मारने का आरोप लगा है। होली के दिन मामा की पिटाई से घायल भांजे राहुल की उपचार के दौरान मौत हो गई। पूरे प्रकरण में पुलिस का रवैया इंसानियत को झकझोरने वाला रहा।
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आरोपी है कि पुलिस ने मामले में पीड़ित परिवार की महिलाओं से ही अभद्रता कर दी। इसके बाद राहुल के शव को सड़क पर रखकर लोगों ने जाम लगाया।
मूल रूप से गांव पवेसरा निवासी प्रहलाद सिंह लक्ष्मीनगर यमुनापार की रामनगर कालोनी में टंकी के निकट पालिका की जमीन पर झुग्गी बनाकर रहते हैं। प्रहलाद सिंह का बड़ा बेटा राहुल (24) पेट्रोल पंप के निकट चाट पकौड़ी की ढकेल लगाता था। पड़ोस में ही प्रहलाद सिंह का साला श्याम सिंह चौहान रहता है। वह एसी-फ्रिज की सर्विस का कार्य करता है। बताया गया है कि जीजा-साले में 24 मार्च धुलेंडी की रात को दो बजे जमीन पर कब्जे के चक्कर में मारपीट हो गई।
होली पर श्याम सिंह के परिवार के सुभाष, दीपक, मनोज, रामदुलारी आए थे। आरोप है कि सभी ने प्रहलाद, राहुल, राहुल की मां ऊषा देवी, बहन गुड़िया और पूजा को पीटकर घायल कर दिया। इसमें राहुल गंभीर रूप से घायल हो गया था।
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पुलिस रही उदासीन, गमजदा घरवालों ने सड़क पर शव रखकर लगाया जाम
कंस मामा की करतूत से कोहराम!
- फोटो : demo
सूचना पर पहुंची लक्ष्मीनगर पुलिस ने प्रहलाद और श्याम सिंह को पकड़ लिया और दोनों का केवल शांति भंग में चालान कर दिया। इधर गंभीर घायल राहुल को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
शांति भंग में चालान होने पर जमानत कराकर आए श्याम सिंह चौहान ने 25 मार्च को एक बार फिर से बहन के घर पर हमला किया और वहां मिली दोनों भांजियों की पिटाई कर डाली। किशोरियों ने पड़ोस में जाकर जान बचाई। शिकायत लेकर जब दोनों बहनें लक्ष्मीनगर चौकी गईं तो वहां महिला सिपाही और एचसीपी किताब सिंह ने उनसे अभद्रता कर दी और चौकी से भगा दिया।
दूसरी ओर राहुल की हालत चिंताजनक होने पर पिता उसे उपचार के लिए चंडीगढ़ ले गए। 28 मार्च को राहुल की मौत हो गई। चंडीगढ़ से शव मथुरा लाने के बाद 29 मार्च की देर रात को पीड़ित इस मामले में श्याम सिंह और उसके परिवारीजनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने गए तो पुलिस ने मामला गाय से एक्सीडेंट का बताते हुए टहला दिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
इससे कुपित हुए परिवारीजनों ने बुधवार सुबह 10 बजे राहुल का शव लक्ष्मीनगर में स्टेट बैंक के सामने सड़क पर रख दिया। हत्या की रिपोर्ट और मुआवजे की मांग के लिए जाम लगा दिया। दो घंटे तक लगे जाम के दौरान कई बार उनकी यमुनापार, महावन, राया पुलिस से तीखी झड़प हुई। बाद में एसपी देहात अरुण कुमार मौके पर पहुंचे और पीड़ित से तहरीर लेकर आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई।
रास्ते के विवाद में गई महिला की जान
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'श्याम नहीं ये मामा कंस है...'
राहुल के पिता प्रहलाद से दो नाबालिग बेटियों को मामा श्याम सिंह चौहान द्वारा पीटने का कारण पूछा गया तो प्रहलाद बोले श्याम मामा कंस है। पहले उसने पीटा और बाद में फोन कर दिल्ली से अपने परिवारीजनों को बुला लिया। जिस समय राहुल अपने जीवन की अंतिम सांस ले रहा था, तब श्याम और उसके परिवार के लोग उसकी बेटियों को पीट रहे थे। मोहल्ले के लोगों ने जान बचाई।
'भाई नहीं हैवान है'
राहुल की मां ऊषा ने कहा जिस भाई के हाथ पर रक्षा का धागा बांधा था। आज उसी ने उसके परिवार के जवान बेटे को मौत की नींद सुला दिया। श्याम उसका भाई नहीं हैवान है।
एक्सीडेंट के बाद दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी। इसमें 151 की कार्रवाई की गई। इसके बाद हुई मारपीट में दोनों की ओर से एनसीआर दर्ज की गई है। युवक की मौत के बाद पीड़ित पक्ष की तहरीर पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। मामले की विवेचना की जा रही है। -अरुण कुमार सिंह, एसपी देहात
'जाम लगाने वालों के खिलाफ होगी रिपोर्ट'
एसपी देहात अरुण कुमार सिंह ने कहा कि राहुल का शव सड़क पर रखकर जाम लगाने वालों की वीडियोग्राफी कराई गई है। वीडियो में चेहरों की पहचान कर जाम लगाने वालों को नामजद किया जाएगा और सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।