एसपी ने बताया कि इसी बात से परेशान होकर मुन्ना की पत्नी ने उससे शिकायत की और कहा कि वह इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज कर दे। लेकिन मुन्ना ने ऐसा करने से मना कर दिया। उसने कहा कि वह लोग गरीब हैं और उन्हें अपने काम पर ही ध्यान देना चाहिए। इसके बाद 29 मार्च को मुन्ना की पत्नी रोज की तरह खेत में काम कर रही थी, उसके हाथ में एक दरांत भी थी जिसकी सहायता से वह बबूल के पेड़ की टहनियां काट रही थी।
तभी प्रदीप घोड़े पर बैठकर वहां आ गया। जिसके बाद वहां मुन्ना भी पहुंच गया और उसने प्रदीप को कहा कि वह उसकी पत्नी के साथ छेड़छाड़ क्यों करता है। प्रदीप मुन्ना से कहने लगा कि उसे रोकने की हिम्मत उसे कैसे हुई। फिर अपनी छड़ी से मुन्ना ने प्रदीप के घोड़े को भी भगाने की कोशिश की जिसके बाद दोनों के बीच विवाद हो गया और मुन्ना ने उसी दरांत से उसकी हत्या कर दी।
एसपी ने आगे बताया कि मुन्ना उन खेतों से 500 मीटर की दूरी पर एक झोपड़ी में रहता था। लेकिन
हत्या को अंजाम देने के बाद वह वहां से भागकर अपने मूल गांव लौट गया। मुन्ना को जब पकड़ा गया तो भी पुलिस को उसकी बातों पर वइस्वास नहीं हो रहा था लेकिन उसकी फोन लोकेशन से पता चला कि वह घटना के वक्त वहां मौजूद था।
गौरतलब है कि 29 मार्च को प्रदीप की हत्या कर दी गई थी। जिसमें उसके परिवार का कहना था कि गांव की उच्च जाति के लोगों ने उनके बेटे की हत्या की है। जबकि प्राथमिक जांच में पता चला था कि वह घोड़ों पर स्टंट करके लड़कियों के साथ छेड़छाड़ करता था। अब करीब डेढ़ महीने बाद पुलिस ने इस केस को सुलझा लिया है और आरोपी मुन्ना को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया।