डीसीपी ने बताया कि इसी दौरान क्राइम ब्रांच की यूनिट-3 के इंस्पेक्टर गजानन पवार को मुखबिरों से जानकारी मिली कि दिल्ली निवासी दो युवकों ने किसी पर हमला किया है और शाम को दिल्ली जाने वाली एक ट्रेन से फरार होने जा रहे हैं। पवार तत्काल पुलिस टीम लेकर पुणे सेंट्रल रेलवे स्टेशन पहुंचे।
मुखबिर ने प्लेटफार्म नंबर-3 पर हमलावरों की पहचान कर दी तो पुलिस टीम ने उन्हें घेर लिया। इसी दौरान पवार युवकों को पकड़ने की कोशिश कर रहे थे, तभी एक युवक ने पवार को तीन गोलियां मार दीं। गोली पवार की ठोड़ी और फेफड़ों को चीरती हुई निकल गई। उन्हें तत्काल नजदीक के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां सर्जरी के बावजूद पवार की हालत गंभीर बनी हुई थी।
फरार होने के बाद पकड़े गए दोनों
इंस्पेक्टर को गोली मारने वाले युवक ने इस दौरान मची अफरातफरी में रेलवे स्टेशन के बाहर भागने का प्रयास किया। लेकिन पीछा करते हुए पुलिसकर्मियों ने उसे बाहर पार्किंग एरिया में दबोच लिया गया। इसी दौरान दूसरा युवक स्टेशन से रवाना हो रही ट्रेन में चढ़ गया। इसकी सूचना तत्काल रेलवे सुरक्षा बल को दी गई, जिसने ट्रेन के दौन्ड जंक्शन पर पहुंचने के बाद उस युवक को हुलिए के आधार पर दबोचकर पुणे पुलिस के हवाले कर दिया।
धनदीप बिल्डिंग के मालिक बबन जाधव के अनुसार, बिल्डिंग में चार फ्लैट हैं, जिनमें से एक फ्लैट को एकता और उसके पति ब्रजेश ने किराये पर लिया हुआ था। बाकी तीन में से दो फ्लैट को भी उन्होंने केटरिंग बिजनेस के लिए किराये पर लेने की इच्छा जताई थी, जिसका एग्रीमेंट इसी महीने होने वाला था। एकता के पति ब्रजेश के मुताबिक, वे नजदीक के विमाननगर और येरावड़ा एरिया में स्थित आईटी कंपनियों में टिफिन सप्लाई का बिजनेस करते थे। पुलिस ने बताया कि एकता और उसके पति ने दोनों हमलावरों से कर्ज लिया था, जिसे बाद में उन्होंने लौटाने से इनकार कर दिया था।