पति नौकरी के चलते और जेठ कारोबार के सिलसिले में दून से चले गए। उन्होंने इस संपत्ति की देखभाल के लिए आजा कौर पत्नी गुलाब सिंह को चौकीदार रख लिया। इस दौरान वे भी कभी-कभार यहां आते जाते रहे।
करीब 15 वर्ष पहले वायुसेना अधिकारी सुरेंद्र सिंह की मृत्यु हो गई। इधर, चौकीदार रही महिला आजा कौर की भी मृत्यु हो चुकी थी। इसके बाद उन्होंने अपने पुत्र इंदर सिंह को यहां नियुक्त कर दिया।
इस पर 2016 में जब सनातन कौर ने अपनी संपत्ति पर काबिज होना चाहा तो इंदर सिंह ने इस संपत्ति को अपना बताते हुए मना कर दिया। इसके बाद उन्होंने नगर निगम में पड़ताल की तो पता चला कि इस संपत्ति को इंदर सिंह ने धोखाधड़ी कर अपने नाम करा लिया है और इसका एक भाग बेच दिया है और एक भाग अपने पुत्र मनप्रीत को उपहार स्वरूप भेंट कर दिया।
इंस्पेक्टर पटेलनगर सूर्यभूषण सिंह नेगी ने बताया कि एसआईटी की जांच में यह तथ्य सही पाए गए हैं। इसी आधार पर इंदर सिंह निवासी पटेलनगर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।