सुप्रीम कोर्ट से एक बार फिर एक नाबालिग बलात्कार पीड़िता ने गर्भपात कराने की इजाजत मांगी है। 13 वर्षीय बलात्कार पीड़िता के पेट में 30 हफ्ते का गर्भ पल रहा है।
न्यायमूर्ति एसए बोबडे और न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव की पीठ ने मुंबई के जेजे समूह के अस्पताल को मेडिकल बोर्ड का गठन कर नाबालिग का परीक्षण करने का निर्देश दिया है। बोर्ड यह परीक्षण करेगा कि गर्भपात की इजाजत देने पर नाबालिग पर क्या असर पड़ सकता है।
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साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त को होगी। मालूम हो कि मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी एक्ट, 1971 के तहत गर्भधारण के 20 हफ्ते के बाद गर्भपात की इजाजत नहीं दी जा सकती।