गाजियाबाद की क्रासिंग रिपब्लिक की महागुन मैस्कॉट सोसायटी निवासी एक एमबीए स्टूडेंट ने शुक्रवार रात 18वीं मंजिल की बालकनी की ग्रिल से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उसका शव 17वीं मंजिल की बालकनी के सामने लटका मिला। 17वीं मंजिल पर रहने वाले युवक की सूचना पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
उधर, छात्र के परिजनों ने उसकी गर्लफ्रेंड पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाकर तहरीर दी है। हालांकि घटनास्थल से सुसाइड नोट नहीं मिला है। मूलरूप से जिला गौंडा मरजवा के महराई निवासी राजेश्वर सिंह कारोबारी हैं। उनका बेटा शिवेश सिंह (23) आईएमएस लालकुआं में एमबीए एचआर सेकेंड ईयर का स्टूडेंट था।
वह चार दोस्तों के साथ महागुन मेस्कॉट सोसायटी के फ्लैट संख्या 18/14 में किराए पर रहता था। शनिवार सुबह चार बजे 17वीं मंजिल पर रहने वाले एक युवक ने सोसायटी के गार्ड और पुलिस को सूचना दी कि उनकी बालकनी के बाहर एक युवक का शव लटका है। पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर दाखिल हुई तो शिवेश का शव फ्लैट की बालकनी की ग्रिल पर चद्दर बांधकर फंदे पर लटका था।
एसएचओ नरेश सिंह ने बताया कि दो माह पहले तक शिवेश कॉलेज के हॉस्टल में रहता था। जांच में सामने आया है कि वह रिजर्व नेचर का था। एक दोस्त के यहां शुक्रवार रात आयोजित पार्टी में उसके फ्लैटमेट गए थे, लेकिन शिवेश ने जाने इंकार कर दिया था। शिवेश का साथ पढ़ने वाली लड़की से अफेयर चल रहा था। परिजनों ने उसी छात्रा पर सुसाइड के लिए उकसाने की तहरीर दी है।
बर्थ डे पार्टी में गर्लफ्रेंड के आने पर दे दी जान !
फाइल
एसएचओ ने बताया कि शिवेश के साथ एमबीए में पढ़ने वाली उसकी ग्रर्लफ्रेंड का रविवार को जन्मदिन है। उसके फ्लैटमेट ने बताया है कि शिवेश ने उसके बर्थ डे पार्टी की प्लानिंग की थी। पार्टी को लेकर उसकी महिला मित्र से बात भी हुई थी। पुलिस को आशंका है कि गर्लफ्रेंड ने पार्टी में आने से मना कर दिया, इसलिए शिवेश ने जान दे दी।
उधर, दोस्तों ने बताया कि शिवेश कालेज और फिर घर आने के बाद भी मोबाइल पर गर्लफ्रेंड से बात करता रहता था। हालांकि अब जांच की जा रही है कि फ्लैट में रहने वाले साथियों के पार्टी में जाने के बाद ऐसा क्या हुआ कि उसने सुसाइड कर लिया।
मर्डर या सुसाइड, पुलिस ढूंढ रही सुराग
पुलिस एक ओर मामले को सुसाइड का मान रही है, मगर दूसरी ओर मर्डर के एंगल पर भी जांच से इंकार नहीं कर रही है। एसएचओ का कहना है कि शिवेश का शव बालकनी पर लटका था मगर बालकनी के नीचे बने स्लैब पर उसके पैर टिके थे। इतना ही नहीं चार दोस्तों का उसे अकेला छोड़कर जाना भी घटना का शक के दायरे में लेकर आता है। बालकनी पूरी तरह से ग्रिल से कवर है। ग्रिल पर जिस जगह पर चादर बंधा था, उससे करीब तीन फीट दूर बालकनी का गेट है। यह भी प्रश्न है कि वह चादर तीन फीट दूर बांधकर फंदा लगाकर कैसे लटका।
खानदान का इकलौता बेटा था शिवेश
पिता राजेश्वर सिंह ने बताया कि शिवेश उनके खानदान का इकलौता बेटा था। उसकी मौत की जानकारी पुलिस ने जब दी तो उनके गांव में कोहराम मच गया। उन्होंने बताया कि वह बेटे का अंतिम संस्कार करने के बाद गाजियाबाद आएंगे और पुलिस से जांच की मांग करेंगे।