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IS में शामिल होने वाले युवक श्रीलंका में ढूढ़ रहे 'असली इस्लाम'

Tue, 12 Jul 2016 07:05 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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कथिततौर से आईएस में शामिल होने के लिए केरल से गायब हुए कुछ युवकों के बारे में खुफिया विभाग ने पता लगा लिया है। आईएस में शामिल होने के आरोप में जो तीन युवक घर से भागे थे वह अपने घरों में बोलकर गए थे कि वे श्रीलंका जा रहे हैं जहां असली इस्लाम का ज्ञान दिया जाता है।
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टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, श्रीलंका आजकल सलाफियों का पसंदीदा अड्डा बन गया है। सलाफी इस्लाम के उस अनुयायी को कहते हैं जो मूल इस्लाम या प्राचीन इस्लाम की ओर लौटना चाहता हो या उससे जुड़ा हो।

घर से भागे तीनों युवकों के घर वालों ने खुफिया एजेंसियों को बताया है कि घर छोड़ने से पहले उनके लड़कों ने बताया था कि श्रीलंका में कोई हदीस सेंटर है जहां असली इस्लाम के बारे में पढ़ाया जाता है। तीनों ने कहा कि वे श्रीलंका के हदीस सेंटर ही इस्लाम की पढ़ाई करने जा रहे हैं। लेकिन खुफिया एजेंसियों ने श्रीलंका के कथित हदीस सेंटर के बारे में पड़ताल की तो पता चला कि वहां कोई हदीस सेंटर नहीं है।
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सलाफी बनने के‌ लिए यमन भाग चुके हैं कई

आईएस ज्वाइन करने के आरोप में केरल से भागने वाले तीनों लड़कों की पहचान अब्दुल राहिद अब्दुल्लाह और हफीसुद्दीन केरल के कासरागोड से हैं जबकि एज्जा केरल के पलक्कड़ से है। तीनों आरोपियों ने कुछ महीने पहले श्रीलंका से घर वालों को फोन भी किया था लेकिन अब उनके बारे में घरवालों को जानकारी नहीं है।

जांच एजेंसियो को जब श्रीलंका में कोई हदीस सेंटर नहीं मिला तो इसके बारे में और जानकारी जुटाई गई। एजेंसियों को पता चला कि तीन साल पहले केरल के 12 लोग श्रीलंका होते हुए यमन गए थे। यमन में एक हदीस सेंटर है जिसके बारे में कहा जा रहा है कि यहां उस इस्लाम की शिक्षा दी जाती है जिसको खुद पैगंबर मोहम्मद ने दी थी।

यमन से लौटने के बाद केरल के इन अल्ट्रा हदीसों ने निम्बूर के पास एक स्‍थान पर लोगों को इस्लाम का ज्ञान देने का काम कर रहे हैं। वहीं श्रीलंका के खुफिया विभाग ने केरल से कुछ युवकों को संदिग्‍ध गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उसने पूछताछ में पता चला ‌था कि निबूर के पास एक जगह पर असली इस्लाम का ज्ञान देने वाली कक्षाएं लेते ‌थे।
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