राजधानी में ओएलएक्स पर सामान खरीदने वाले सावधान हो जाएं। ठग अपने सामान का विज्ञापन देकर लोगों को बना रहे हैं ठगी का शिकार। ऐसा ही एक मामला जनकपुरी में सामने आया है।
एक युवक ने विज्ञापन देखकर एक स्कूटी खरीदी। बेचने वाले ने पीड़ित से स्कूटी के हजारों रुपये ले लिए और बाद में कागजात बनाने का बहाना कर स्कूटी लेकर रफूचक्कर हो गया।
पुलिस के अनुसार दीपक साहनी (32) सपरिवार मधुबन एंक्लेव में रहता है। वह एक निजी कंपनी में काम करता है। गत 10 जुलाई को उसने ओएलएक्स पर एक स्कूटी का विज्ञापन देखा।
स्कूटी खरीदने के इरादे से उसने उसमें दिए गए नंबर पर संपर्क किया। उसकी राजविंद्र नाम के युवक से बात हुई। राजविंद्र ने दीपक को बताया कि वह जनकपुरी ईस्ट मेट्रो स्टेशन पर आकर सौदे की बात कर ले।
पहले मेट्रो स्टेशन पर बुलाकर लिये पैसे
पुलिस
- फोटो : प्रतीकात्मक चित्र
दोपहर में दोनों की मुलाकात मेट्रो स्टेशन पर हुई। राजविंद्र बिना नंबर की स्कूटी लेकर आया था। दीपक ने स्कूटी का ट्रॉयल लिया। उसके बाद सौदा 37 हजार में तय हुई।
दीपक ने राजविंद्र को सात हजार की अग्रिम राशि देकर अगले दिन तीस हजार रुपये देने की बात कही। अगले दिन फिर दोनों की मुलाकात जनकपुरी ईस्ट मेट्रो स्टेशन पर हुई। दीपक ने उसे बाकी के तीस हजार रुपये दे दिए।
राजविंद्र ने दीपक को कहा कि सौदे का कागज तैयार कर लेते हैं। वह दीपक को लेकर जनकपुरी स्थित हीरा स्वीट्स के पास पहुंचा। उसने दीपक को एक इमारत की ओर इशारा करते हुए बताया कि इसके बेसमेंट में बैठने वाला सरदार कागज बनाता है।
उसने दीपक को बेसमेंट में सरदार जी को देखकर आने के लिए कहा। दीपक बेसमेंट में गया लेकिन वहां कोई सरदार नहीं मिला। जब वह वापस आया तो देखा कि राजविंद्र भी स्कूटी लेकर फरार हो चुका है।
ठगी का एहसास होने पर उसने तुरंत घटना की शिकायत पुलिस से की। जनकपुरी थाना पुलिस मामला दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपी की पहचान करने में जुटी है।