मथुरा के जवाहर बाग की घटना की जांच सीबीआई या एसआईटी से कराने की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिकाओं पर 16 अगस्त को मुख्य न्यायाधीश डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खंडपीठ सुनवाई करेगी।
इस मामले को लेकर विजय पाल सिंह तोमर, अश्विनी उपाध्याय आदि ने जनहित याचिकाएं दाखिल की हैं। कोर्ट ने सभी याचिकाओं को एक साथ संबद्ध करते हुए 16 अगस्त को सुनवाई के लिए प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
इससे पूर्व जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस आरएन कक्कड़ की खंडपीठ ने राज्य सरकार को इस मामले पर जवाब दाखिल करने के लिए कहा था।
सोमवार को मुख्य न्यायाधीश की कोर्ट में याचिकाएं प्रस्तुत हुईं तो महाधिवक्ता विजय बहादुर सिंह और सरकार के अन्य वकीलों ने कोर्ट को अवगत कराया कि इस प्रकरण पर कई याचिकाएं दाखिल हो चुकी हैं।
इन सभी की एक साथ सुनवाई कर ली जाए। कोर्ट ने सभी याचिकाओं को 16 अगस्त को प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। उल्लेखनीय है कि पिछली तारीख पर अदालत ने प्रदेश सरकार से कई गंभीर सवालों पर जवाब मांगे थे।
पूछा था कि जवाहर बाग में प्रदर्शन की इजाजत किन परिस्थितियों में और कितने समय के लिए दी गई थी। 2014 से चल रहे अवैध कब्जे के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
प्रशासन ने कब-कब इस बारे में सरकार को रिपोर्ट भेजी थी और इस दौरान कौन-कौन जिलाधिकारी तैनात थे।