रेप केस में जेल में सजा काट रहे राम रहीम को मां से मिलाने के लिए जेल प्रशासन को अपना मुख्य नियम तोड़ना पड़ा। जानिए क्या था वो?
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गुरमीत राम रहीम
दरअसल, सामान्य कैदियों की मुलाकात का समय सुबह आठ बजे से दोपहर बारह बजे तक होता है। सामान्य कैदियों की मुलाकात का समय खत्म होने के बाद ही नसीब कौर जेल में पहुंची थी, ताकि सुरक्षा को लेकर कोई चूक न हो। जब राम रहीम को मुलाकात के लिए बैरक से बाहर निकाला गया तो सभी कैदियों को अपने बैरक में बंद कर दिया गया। भारी सुरक्षा के बीच राम रहीम को मुलाकात कक्ष में लाया गया।
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राम रहीम के फिल्म का एक दृश्य
- फोटो : File Photo
जेल रास्ते पर लगे पुलिस और पैरा मिलिट्री के संयुक्त नाके पर नसीब कौर की कार को जांच पड़ताल के लिए रुकवाया गया। यहां पर उनकी कार की गहनता से चेकिंग की गई। जांच पड़ताल की वीडियोग्राफी भी की गई। करीब दस मिनट तक जांच पड़ताल होने के बाद पुलिस ने नसीब कौर और उनके चालक का पहचान पत्र लिया। पहचान पत्र लेने के बाद दोनों को जेल में जाने दिया गया। वह एक बैग में राम रहीम के लिए कपड़े लेकर आई थी।
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राम रहीम के फिल्म का एक दृश्य
अपनी घिनौनी करतूत के कारण जेल की चारदीवारी में सजा काट रहे राम रहीम को जब मुलाकात कक्ष में लाया गया तो मां को देखकर उसकी आंखें भर आई। डेरामुखी को देखकर उसकी मां भी रोने लगी। करीब पांच मिनट तक दोनों आंखों में आंसू लेकर बातचीत करते रहे। बाद में डेरा मुखी ने मां से डेरे में बारे में पूछा। नसीब कौर ने कहा कि वैसे तो सभी लोग फिलहाल राजस्थान में है। लेकिन डेरे में सारा काम काज सामान्य है।
जिस कार में डेरामुखी की मां जेल पहुंची थी वह प्लास्टिक के बैग से भरी पड़ी थी। किसी बैग में कपड़े थे तो किसी ने फल और मेवे थे। पुलिस व पैरा मिलिट्री के संयुक्त नाके पर चेकिंग के बाद कार को जाने दिया गया। लेकिन जब वह सारा सामान लेकर जेल में पहुंची तो यहां पर जेल प्रशासन ने कुछ सामान को वापस भेज दिया। मां ने बताया कि कुछ दिन पहले ही डेरे में पुलिस ने सर्च ऑपरेशन भी चलाया था।
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