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जानें किस राज्य में निर्वस्त्र कर घुमाई गईं 31 महिलाएं

Wed, 16 Nov 2016 04:47 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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हाल ही में मध्य प्रदेश के रतलाम में एक विवाहिता को प्रेमी संग भागने की क्रूर सजा दी गई। पकड़े जाने के बाद पति ने महिला और उसके प्रेमी को निर्वस्त्र किया और करीब एक घंटे तक पूरे गांव के सामने घुमाया। यह मध्य प्रदेश की पहली ऐसी घटना नहीं है जहां किसी महिला को ऐसे निर्वस्त्र करके पूरे गांव में घुमाया गया हो।
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अंग्रेजी वेबसाइट की खबर के मुताबिक राज्य गृह विभाग ने एक रिपोर्ट दी है जिसमें बताया गया कि 2013 से 2015 के बीच 31 महिलाओं को भीड़ के बीच में निर्वस्त्र किया गया और उनकी पूरे गांव में परेड निकाली गई।

पांच ऐसे मामले जिनमें महिलाओं को घुमाया गया निर्वस्त्र

9 नवंबर 2016 के दिन एक महिला को पति के साथ धोखा करने के आरोप में पीटा गया और बिना कपड़ों के पूरे गांव में परेड निकाली गई।

भिंड जिले में ऐसे ही एक बहू से नाराज ससुराल वालों ने 12 नवंबर 2015 के दिन उसे बिना कपड़ों के घुमाया।

7 नवंबर 2015 के दिन एक महिला को जादू टोने के आरोप में मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में बिना कपड़ों के घुमाया गया।

19 मार्च 2014 को एक 22 साल की युवती का रेप किया गया और उसके बाद उसका भी यही हाल किया गया।

13 जून 2014 के दिन खंडवा जिले में ही एक आदिवासी महिला का 10 आरोपियों ने बलात्कार किया और उसे बिना कपड़ों के सांची टाउन में लोगों के सामने घुमाया।

मध्य प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की कमी नहीं

मध्य प्रदेश राज्य के गृह विभाग की जारी रिपोर्ट में पिछले साल के कई आंकड़े भी सार्वजनिक किए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक महिलाओं के खिलाफ राज्य में 9,056 छेड़छाड़, 5,126 अपरहण, 3,953 महिलाओं का रेप, 5,059 महिलाओं पर अत्याचार, 10,111 आपराधिक धमकी, 661 दहेज मामले और 36 तस्करी के केस दर्ज किए गए हैं।

बताते चलें कि नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो ने भी अपनी रिपोर्ट में मध्य प्रदेश को शर्मसार करने वाले आकंड़े पेश किए हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक मध्य प्रदेश में महिलाओं के साथ हुए यौन शोषण के 12,387 मामले दर्ज हुए हैं। महाराष्ट्र के बाद मध्य प्रदेश इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर रहा।
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नहीं दर्ज होते कई मामले

- फोटो : DEMO Pics
इस मामले में महिला कार्यकर्ता रॉली शिवहारे का कहना है कि ये तो वो आकंड़े हैं जो कि शिकायत के कारण सामने आ गए। लेकिन न जाने ऐसे कितनी महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाया जाता है और वे मामले सामने नहीं आते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस तरह के अपराधों के खिलाफ कोई कदम नहीं उठा रही है।

उन्होंने बताया कि 2015 में रोज 24 मामले छेड़छाड़ के और 14 अत्याचार के घटित हुए लेकिन उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। इस बीच प्रोफेसर आशा शुक्ला ने कहा कि हमें शर्मसार करने वाली वारदातों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।
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