उत्तरी गोवा के पेरनेम में फिरौती के लिए डेढ़ साल के एक बच्चे का अपहरण करने की कोशिश करने के आरोप में एक पुलिस कांस्टेबल और एक ‘लाइफगार्ड’ को गिरफ्तार किया गया है। वहीं एक अन्य मामले में पोरवोरिम में पंजाब के एक पर्यटक से पैसे ऐंठने के आरोप में दो महिलाओं समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी है।
पहले जानते हैं पेरनेम की घटना के बारे में
पुलिस उपाधीक्षक जिवबा दलवी ने बताया कि राज्य पुलिस की भारतीय रिजर्व बटालियन से संबद्ध कांस्टेबल निकेश चारी और दृष्टि मरीन के ‘लाइफगार्ड’ संजय नार्वेकर को शनिवार को करगाव गांव से गिरफ्तार किया गया। दलवी ने बताया कि शुक्रवार रात को जब बच्चा अपने घर की गैलरी में खेल रहा था, तब चारी और नार्वेकर ने उसे अगवा करने की कोशिश की। हालांकि, बच्चे के दादा के शोर मचाने की वजह से पड़ोसी वहां पहुंच गए। उन्होंने चारी को पकड़ लिया, लेकिन नार्वेकर भागने में सफल रहा। तलाशी अभियान के बाद महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में वेंगुर्ला के रहने वाले नार्वेकर को बाद में हिरासत में ले लिया गया।
अब जानते हैं पोरवोरिम में क्या हुआ?
इस बीच पोरवोरिम की घटना में आरोपियों की पहचान मुंबई निवासी बबीता रमेश उपाध्याय, पश्चिम बंगाल निवासी सुतापा बनर्जी और स्थानीय निवासी दीपक सालगांवकर के रूप में की गई है। पुलिस के मुताबिक, तीनों को सागर अंसारी की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया, जिसने आरोप लगाया है कि उसे और उसके दोस्त को 30 अगस्त को आरोपियों के बैंक खातों में 20,000 रुपये ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया गया था। हमने कलंगुट में सलगांवकर द्वारा इस्तेमाल की गई कार का पीछा किया और बाद में अंजुना से दो महिलाओं को गिरफ्तार किया। बताया गया दोनों महिलाएं देह व्यापार गिरोह की सदस्य के तौर पर अंसारी से मिलीं और फिर उसके खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज कराने की धमकी देते हुए उससे पैसे ऐंठे।