और भी आरोपी धरे जाने की उम्मीद
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तेलंगाना सीआईडी ने पांच और दलालों को मुख्यमंत्री राहत कोष में हेराफेरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इन लोगों पर फर्जी मरीजों के नकली बिलों के जरिए धन की हेराफेरी का आरोप है। पुलिस के मुताबिक इन आरोपियों ने करीब 100 फर्जी मरीजों के नाम पर फर्जी कागजातों के जरिए सरकार को करीब 74 लाख का चूना लगाया। इससे पहले 10 आरोपी सीआईडी के हत्थे चढ़े थे।
डेक्कन क्रॉनिकल की खबर के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 27 वर्षीय वेनमपल्ली राजेंदर, 30 वर्षीय सिंगीरेड्डी सुभाष रेड्डी, 29 वर्षीय आदिकोप्पुला सागर, 27 वर्षीय मोगूराम मुरली प्रसाद और 46 वर्षीय थोउतु श्रीनिवास शामिल हैं। ये सभी अलग-अलग अस्पतालों के लिए बतौर आउटसोर्स कर्मचारी काम कर रहे थे।
सीआईडी ने आरोग्य श्री हेल्थ केयर के 11 हजार 600 एप्लीकेशन को खंगाला। पुलिस के मुताबिक मरीजों के पिछले मेडिकल रिकॉर्ड को भी देखा गया। सीआईडी के अधिकारी ने बताया कि 112 ऐसे बिल थे जिन्हें फर्जी मरीजों के नाम पर जमा किया गया था। ये बिल 50 अस्पतालों से आए थे।
जांच अधिकारियों की मानें तो दलालों ने अस्पतालों के कर्मचारियों के संग सांठगांठ करके लेटरहेड, वास्तविक मरीजों की केस शीट आदि इकट्ठा किए जिससे की फर्जीवाड़े को अंजाम दिया जा सके।
पुलिस के मुताबिक जांच में अब तक 112 फर्जी मरीजों के नाम पर सीएम राहत कोष को 73 लाख 68 हजार 572 रुपए का चूना लगाया गया। फिलहाल जांच जारी है। इस केस में और भी आरोपियों के घरे जाने की उम्मीद की जा रही है।