हरियाणा के रायन स्कूल और देवरिया के मॉडर्न सिटी मांटेसरी स्कूल में छात्रों से दरिंदगी का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि गोरखपुर में एक ऐसा मामला सामने आ गया।
क्लास टीचर के उत्पीड़न से त्रस्त सेंट एंथोनी स्कूल, गोरखपुर के पांचवीं कक्षा के छात्र नवनीत प्रकाश (12) ने जहर खाकर जान दे दी। मरने से पहले नवनीत ने सुसाइड नोट भी लिखा है। इसमें क्लास टीचर के उत्पीड़न का जिक्र है।
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एकलौते बेटे की मौत से बौखलाए घर वाले और आसपास के लोगों ने जेल बाईपास रोड स्थित सेंट एंथोनी स्कूल पर धावा बोल दिया। उन्होंने पथराव कर जमकर तोड़फोड़ की। इससे सहमा प्रबंध तंत्र स्कूल बंद करके भाग निकला। स्कूल कक्षा आठ तक है।
देररात पिता रवि प्रकाश की तहरीर पर शाहपुर पुलिस ने क्लास टीचर और प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। आत्म हत्या के लिए उकसाने (धारा 306) का मामला दर्ज हुआ है। इस धारा के तहत दोष साबित होने पर 10 साल की सजा का प्रावधान है। जुर्माना भी ठोंका जा सकता है।
नवनीत को बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले गए
Suicide Note
मोहनापुर निवासी शिक्षक रवि प्रकाश का बेटा नवनीत प्रकाश (12) सेंट एंथोनी स्कूल में पांचवीं कक्षा का छात्र था। 15 सितंबर को नवनीत घर पर अकेला था। पिता बापू इंटर कॉलेज पीपीगंज में टीचर हैं। वह पढ़ाने स्कूल चले गए थे और मां सुनीता देवी बाजार गई थीं।
मां घर लौटी तो नवनीत को अचेत पड़ा पाया, फिर पति को फोन करके बताया कि बेटे के मुंह से झाग निकल रहा है। पति को सूचना देने के बाद मां रोने लगीं। यह सुन आसपास के लोग जुट गए और आनन-फानन में नवनीत को बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले गए।
15 सितंबर से ही नवनीत का इलाज चल रहा था। बुधवार की देर शाम उसकी मौत हो गई। घर वाले जब शव लेकर घर पहुंचे, तब नवनीत के स्कूल बैग की तलाशी ली गई। स्कूल बैग से ही सुसाइड नोट मिला।
पेंसिल से लिखे गए सुसाइड नोट में पांचवीं के छात्र ने क्लास टीचर के उत्पीड़न का जिक्र किया है। लिखा कि 15 सितंबर को क्लास टीचर मैम ने सुबह 9:15 बजे तक रुलाया, फिर क्लास में तीन पीरियड तक खड़ा रखा। वह चापलूसों की बात मानती हैं।
इसीलिए पिछले दो दिन से उत्पीड़न कर रही थीं। सुसाइड नोट मिलते ही घर वालों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। देरशाम घर वाले बच्चे का शव लेकर स्कूल पहुंच गए। वहां ताला लटका मिला।
इसके बाद उन्होंने और आसपास के लोगों ने पथराव कर दिया। स्कूल में जमकर तोड़फोड़ की गई और पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मोहनापुर में सब रोए
Navneet
एकलौते बेटे नवनीत की मौत से पिता और मां का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस किसी ने दोनों को बिलखते देखा, उसकी आंखें नम हो गईं। मोहनापुर में मोहल्ले के लोगों को भी रोते देखा गया। सब कहते मिले कि नवनीत शांत स्वभाव का अच्छा बच्चा था।
पढ़ने में तेज था, फिर भी क्लास टीचर ने प्रताड़ित किया। इससे टूटकर 12 साल के बच्चे ने आत्मघाती कदम उठा लिया। पादरी बाजार प्रतिनिधि के मुताबिक सब स्कूल प्रबंधन को कोस रहे हैं।
गोरखपुर के एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने कहा, छात्र को आत्म हत्या के लिए उकसाने का केस क्लास टीचर के खिलाफ दर्ज किया गया है। मामले की छानबीन चल ही है। प्रबंधक की भूमिका भी जांची जाएगी। सभी बिंदुओं की विवेचना कराके कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
बच्चों को प्यार से समझाएं
गोरखपुर यूनिवर्सिटी की मनोविज्ञानी प्रो. सुषमा पांडेय ने कहा, टेक्नोलॉजी और टीवी ने बच्चों को बड़ा बना दिया है। कम उम्र में ही बच्चों की सोच, समझ अच्छी हो जाती है। ऐसे में उत्पीड़न या फिर मारपीट से बच्चों का कोमल मन आहत हो जाता है।
वह आत्मघाती कदम उठा लेते हैं। इस संबंध में तमाम शोध भी हुए हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों से अच्छा व्यवहार किया जाना चाहिए। बाल शोषण से कुछ हासिल नहीं होगा।
खास कर माता-पिता को बच्चों से रोज बात करनी चाहिए। यदि बच्चा गलत करे तो उसे प्यार से समझाना चाहिए। यदि डांट, फटकार पड़ी तो बच्चा तुरंत तनाव में आता है। यह स्थिति खतरनाक होती है।