मुंबई में एक मां और बेटी ने आपसी रंजिश का बदला लेने के लिए झूठे रेप, एसिड अटैक का जाल बुना। लेकिन, मामले की तह तक जाने के बाद पुलिस को सच्चाई का पता चल गया। अब ठाणे पुलिस ठाणे मां-बेटी के खिलाफ अदालत में जाने की योजना बना रही है, जिन्होंने छह लोगों पर एसिड अटैक और बलात्कार का झूठा आरोप लगाया था।
घटना के समय छह में से तीन कर्नाटक में थे। हालांकि पुलिस ने पहले ही महिलाओं को मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज करवाया था, अब वे महिला के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के लिए एक बी-समरी प्रोस्क्यूशन रिपोर्ट दर्ज करने जा रही है।
बता दें कि कलवा पुलिस के पास 23 जुलाई को एक मामला आया था जिसमें पीड़िता ने छह लोगों पर पीछा करने,रेप और एसिड अटैक की बात कही थी। लेकिन, जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी पुरुष पूरे दिन अपने आसपास के गांव में ही मौजूद थे, वे गांव से बाहर गए ही नहीं थे। सूत्रों के मुताबिक, आगे की जांच के बाद, पुलिस को पता चला कि 29 वर्षीय पीड़िता ने झूठे आरोप लगाए हैं और उन्हें गलत आरोप में फंसाया गया है।
पुलिस के मुताबिक 'जब हमने उसकी पूछताछ तो हमने महसूस किया कि उस महिला के परिवार की उन लोगों के साथ लगातार संघर्ष चल रहा था, जिन पर उन्होंने आरोप लगाया था। आरोप लगाने वाली महिला के पति को छह लोगों में से एक की पत्नी के साथ बलात्कार करने के लिए कथित तौर पर जेल भेज दिया गया था, जिसका बदला लेने के लिए उन्होंने ये झूठा आरोप लगाया था।
कलवा पुलिस स्टेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वे बदला लेने के लिए वे कर्नाटक से मुंबई आए थे। शिकायतकर्ता की बेटी ने पूरी घटना की योजना बनाई थी। पुलिस ने कहा कि किशोरी ने अपनी मां के कपड़े के हुक तोड़ दिए, फिर गर्म तेल और एक जहरीले जंगली फल का इस्तेमाल किया ताकि मामले को एसिड अटैक का रुप दिया जा सके।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान लड़की ने कबूल किया है कि, इसके लिए उसने एक बॉलीवुड फिल्म से प्रेरणा ली थी और यहां तक कि उसके आठ साल के भाई ने उसे इस काम के लिए प्रशिक्षण दिया था और बताया था कि पुलिस के सामने क्या बयान देना है। डीसीपी डी स्वामी ने कहा, "उन्होंने अपने बयान में सब कुछ स्वीकार कर लिया है।
अब हम एक बी-समरी अभियोजन रिपोर्ट दर्ज करने जा रहे हैं, जिससे अदालत को सूचित किया जाएगा कि इन महिलाओं ने एक झूठा मुकदमा दायर किया है, और उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। एक बार जब मुकदमा दायर हो जाएगा, तो आगे अदालत फैसला करेगी कि क्या कार्रवाई करनी है।