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5 छात्रों ने बैंक को लगाया साढ़े 8 करोड़ का चूना

Tue, 22 Mar 2016 02:57 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली

सार

  • बैंक से आनलाइन लेन-देन करते हैं तो जरूर पढ़ लें ये खबर
  • 2000 फर्जी खाते, 18000 ई-वॉलेट और करोड़ो पर हाथ साफ
  • बदमाश लगाते रहे चूना, बैंक को भनक तक नहीं लगी
  • चार महीने में जान पाए कि बैंक के साथ धोखाधड़ी की गई
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ई-वॉलेट के जरिए बैंक को लगा साढ़े 8 करोड़ का चूना - फोटो : demo
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विस्तार
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कोलकाता में बैंक की सहूलियत ही उसके लिए गले की फांस बन गई। ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में कुछ तकनीकी कमी कारण बैंक को करोड़ों का चूना लगा दिया गया। हाथ साफ करने वाले कोई और नहीं, इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले छात्र थे। छात्रों ने तकरीबन 8 करोड़ 60 लाख रुपए बैंक से हड़प लिए और बैंक को भनक तक नहीं लगी।
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टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक बीते 4 महीने के दौरान 5 इंजीनियरिंग के छात्रों की एक टीम फर्जी मोबाइल वॉलेट के जरिए बैंक से रुपए निकाल रही थी। आरोपियों में 5 छात्रों के अलावा 4 और लोग शामिल हैं। सारे आरोपी दबोच लिए गए हैं।

करोड़ों की धोखाधड़ी का शिकार निजी सेक्टर की एक बैंक को बनाया गया। बैक ने बीते दिसंबर में ई-वॉलेट की सुविधा शुरू की थी। बैंक के अधिकारियों के मुताबिक उन्हें पता नहीं चला कि बैंक की इस सुविधा में कुछ तकनीकी कमी रह गई, जिसका दुरुपयोग किया जा सकता है।
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जब अपराधियों के लिए बनी मन मांगी मुराद साबित हुई बैंक की स्कीम

बहुत से ऐप्स फर्जी, कर रहे हैं नियमों का उल्लंघन - फोटो : demo
अमूमन होता ये हैं कि अगर ई-वॉलेट के जरिए रुपयों का लेन-देन किया जाता है तो इंटरनेट कनेक्शन बंद हो जाने पर लेन-देन रुक जाता है। लेकिन इस बैंक में इंटरनेट बंद होने पर भी लेन-देन पूरा हो रहा था। जिसका शातिरों ने गलत फायदा उठाया और 8 करोड़ 60 लाख की भारी रकम बैंक से खाली हो गई।

बैंक के धोखाधड़ी विभाग ने अब तक 9 आरोपियों को दबोचा है। पांच इंजीनियरिंग के छात्रों में एक जेवेल राना नाम का शख्स शातिरों का गैंगलीडर बताया जा रहा है।

करोड़ों की धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए पूरी प्लानिंग की गई थी। आपको जानकर हैरानी होगी कि सीमावर्ती जिले मुर्शीदाबाद में शातिरों को हजारों चालू किए जा चुके सिम कार्ड मुहैया कराए गए। इन सिम कार्ड को गांव वालों को दिया गया। ग्रामीणों को ये कहकर बरगलाया गया कि जो भी बैंक में खाता खोलकर दिए गई सिमकार्ड से ई-वॉलेट शुरू करेगा, उसे बतौर इंसेनटिव काफी रुपए मिलेंगे।
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चार महीने में जान पाए कि बैंक के साथ धोखाधड़ी की गई

ई-वॉलेट बना सिर दर्द - फोटो : demo
क्राइम ब्रांच के ज्वाइंट कमिशनर देबाशीश बोरल ने बताया कि हबीबुर रहमान नाम का शख्स वारदात के मास्टरमाइंड जेवेल के संपर्क में था। हबीबुर रहमान मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर की तरफ से बतौर डीलर काम कर रहा था। उससे सांठगांठ करके जेवेल ने हजारों की संख्या में चालू किए गए सिम कार्ड लिए थे।

पुलिस के मुताबिक बीते 23 दिसंबर को कोलकाता ऑफिस के बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों ने लालबाजार में शिकायत दर्ज कराई थी कि कोई उनकी बैंक से हजारों नए ई-वालेट के जरिए पैसे निकाल रहा है। जांच में पाया गया कि अरोपी ने कोलकाता और मुर्शीदाबाद में करीब 2 हजार बैंक खाते खुलवाए। इन खातों के जरिए 18 हजार ई-वॉलेट चालू किए गए।

एक जांच अधिकारी ने कहा कि इस केस की तह चक जाने में थोड़ा वक्त लगेगा। वारदात को अंजाम देने वाला गिरोहा मुर्शीदाबाद के हरिहरपारा का है। जांच दल बैंक की एक टीम के साथ जांच कर रहा है। वारदात को अंजाम देने के लिए हजारों सिम कार्ड का इस्तेमाल किया गया जो सीधे तौर पर ट्राई के नियमों का उल्लंघन है। इसके लिए अलग से जांच कराने की बात कही जा रही है।

पुलिस की मानें को लालाबाजार इलाके में ई-वॉलेट उनके लिए सिरदर्द साबित हो रहे हैं। पुलिस ने ई-वॉलेट ऐप्स भी देखे हैं जो नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
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