भ्रष्टाचार पर कड़े कानून बनने के बाद भी यह थम नहीं रहा है। आए दिन कोई ना कोई अफसर आय से अधिक संपत्ति के आरोप में पकड़ा जाता है। ऐसा ही एक मामला आंध्र प्रदेश से भी सामने आया है। यहां एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने जरूरत से अधिक संपत्ति के आरोप में ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन के इंस्पेक्टर को गिरफ्तार किया है।
पिछले दिनों इंस्पेक्टर के पांच ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। एस लक्ष्मी रेड्डी नाम के इस इंस्पेक्टर ने 1993 से हेल्पर के पद से अपनी नौकरी की शुरुआत की थी। हैरानी की बात तो ये है कि एक हेल्पर के पद से नौकरी शुरू करने वाले व्यक्ति का यदि प्रमोशन भी हो जाए तो भी उसके पास 100 करोड़ की संपत्ति नहीं आ सकती।
सूत्रों का कहना है कि इंस्पेक्टर की दो जिलों में करीब 100 करोड़ की संपत्ति है। उसने अपनी कई संपत्ति दोस्तों और रिश्तेदारों के नाम कर रखी हैं ताकि वह कानून के चंगुल में फंसने से बच सके। एसीबी के डायरेक्टर जनरल आरपी ठाकुर के अनुसार, इंस्पेक्टर एस लक्ष्मी रेड्डी (56) के घर के अलावा उनके दोस्तों और रिश्तेदारों के घर भी छापेमारी की गई।
उन्होंने बताया कि इस छापेमारी में मिले दस्तावेजों से पता चला है कि रेड्डी के पास एसपीएस नेल्लोर और प्रकाशन जिले में 6 लग्जरी घर, दो पलॉट, 57 एकड़ जमीन है। इसके अलावा उसके पास कई गाड़ियां और बैंक खातों में 10 लाख रुपये का कैश भी है।
बताया जा रहा है कि हेल्पर के पद पर बिजली विभाग में नौकरी शुरू करने वाले रेड्डी का पिछले 21 साल में तीन बार प्रमोशन हुआ है। नौकरी शुरू करने के तीन साल बाद वह सहायक लाइनमैन बन गया। इसके एक साल बाद प्रमोट होकर वह लाइनमैन बन गया। फिर साल 2014 में रेड्डी का लाइन इंस्पेक्टर के पद के लिए प्रमोशन हो गया।