पूर्व महिला पार्षद सुप्रिया दे
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तृणमूल कांग्रेस की एक पूर्व महिला पार्षद पार्टी की ओर से टिकट नहीं मिलने के बाद अबकी निर्दलीय के तौर पर नगरपालिका चुनावों में मैदान में उतरी थी। लेकिन महज 30 वोटों से चुनाव हारने के बाद उसने आत्महत्या कर ली। इससे पहले वर्ष 2007 और 2012 के चुनावों में वह कांग्रेस के टिकट पर लड़ कर जीती थी।
बीते चुनावों में जीतने के बाद वह बाकी पार्षदों के साथ तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गई थी। यह घटना नदिया जिले की है। पुलिस ने शुक्त्रस्वार को यहां इसकी जानकारी दी।नदिया के पुलिस अधीक्षक शीष राम झाझरिया ने बताया कि इस मामले में पुलिस को कोई शिकायत नहीं मिली है।
उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट मिलने के बाद मौत की असली वजह का पता चलेगा। तृणमूल कांग्रेस की पूर्व विधायक सुप्रिया दे (38) नदिया जिले की कूपर्स कैंप नगरपालिका चुनावों में वार्ड नंबर एक से निर्दलीय के तौर पर मैदान में थी। उसके पति समीर ने बताया कि चुनाव में हारने के बाद सुप्रिया ने शाम को कुछ टेबलेट खाकर आत्महत्या कर ली। तबियत बिगड़ने पर उनको फौरन कल्याणी स्थित जेएनएम अस्पताल ले जाया गया। वहां उसकी मौत हो गई। सुप्रिया के पति ने इस
मामले में पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराने का फैसला किया है। उक्त नगरपालिका के लिए 13 अगस्त को मतदान हुआ था और नतीजों को एलान कल सुबह हुआ। सुप्रिया की मौत की सूचना मिलने के बाद तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेताओं व कार्यकर्ताओं ने भी अस्पताल का दौरा किया।