18 साल का एक छात्र जो राष्ट्रीय योग्यता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की तैयारी कर रहा था उसने अचानक फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक राजस्थान के कोचिंग हब कहे जाने वाले कोटा में अपने पिता के साथ वीडियो चैट कर रहा था। पुलिस के अनुसार युवक के पिता उससे 670 किलोमीटर दूर बाड़मेर में रहते हैं। युवक का नाम करण है जो कोटा में किराए के कमरे पर रहता था।
करण ने अपने पिता उनमनाराम को सुबह फोन किया। दोनों आपस में बातचीत कर रहे थे तभी डॉक्टर बनने की तैयारी कर रहे करण ने कमरे में लगे पंखे से लटककर जान दे दी। सहायक सब-इंस्पेक्टर अत्तर सिंह ने बताया कि युवक के पास से कोई
सुसाइड नोट नहीं मिला है। इसके बाद पिता ने मकान मालिक देवकीनंदन को फोन किया।
पेशे से पुलिसवाले देवकीनंदन ने करण के पिता से कहा, 'मुझे करण के कमरे का दरवाजा तोड़ना पड़ेगा।' उन्होंने करण को नीचे उतारा और स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी। करण को सरकारी अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत करार दे दिया।
बता दें कि हर साल 1,50,000 छात्र कोटा के 40 संस्थानों में
मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के लिए आते हैं। इस साल अभी तक आठ बच्चों ने आत्महत्या कर ली है। साल 2017 में 7 और 2016 में 16 बच्चों ने खुद की जान ले ली थी।