पत्रकार प्रभात सिंह अब जेल में
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छत्तीसगढ़ में एक पत्रकार को एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से संबंधित 'आपत्तिजनक' मेसेज वॉट्सऐप पर शेयर करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। पत्रकार प्रभात सिंह अब जेल में है। प्रभात सिंह के परिवार का कहना है कि पुलिस ने प्रभात को कस्टडी में लेकर बहुत मारा पीटा है। परिवार को लगता है कि प्रभात को फर्जी आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
वही प्रभात के भाई विष्णु सिंह का कहना है कि मेरा भाई ऐसी खबरें लिख रहा था जिनमें बस्तर में पुलिस की आलोचना थी। पुलिस ने अन्यायपूर्ण तरीके से उसे जबरदस्ती गिरफ्तार किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस कस्टडी में प्रभात के साथ बहुत बुरा सुलूक किया जा रहा है। वह उसे मार रहे हैं और उसे खाना तक नहीं दिया गया है।
प्रभात सिंह के खिलाफ आईटी ऐक्ट के तहत केस रजिस्टर कर लिया गया है। वह 31 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया हैं। विपक्षी दल कांग्रेस ने प्रभात की गिरफ्तारी को 'पत्रकारों को खामोश कर देने वाला एक कदम' करार दिया गया है।