यूपी-राजस्थान सीमा पर खड़े कांग्रेसी नेता (फाइल फोटो)
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कांग्रेस ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि वह राजस्थान में उसकी सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है। पार्टी को डर है कि 19 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले भाजपा उसके विधायकों में सेंध लगाकर उनकी खरीद-फरोख्त कर सकती है। सभी विधायकों को एकजुट रखने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विधायकों और सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीयों के साथ जयपुर के एक रिजॉर्ट में बुधवार को बैठक की।
बैठक में हिस्सा लेने के लिए राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला दिल्ली से जयपुर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के फैसले की बारबार हत्या करना भाजपा का चरित्र बन गया है। उन्होंने आगे कहा, "राजस्थान में भाजपा की साजिश कामयाब नहीं होगी। राजस्थान के लोग बहादुर और निडर होते हैं। हमारे विधायक किसी भी लालच में नहीं आने वाले हैं।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पार्टी के पास पूर्ण बहुमत है और कोई भी जनता के फैसले और लोकतंत्र को नहीं हरा सकता।
इससे पहले राजस्थान सरकार के मुख्य सचेतक महेश जोशी ने कहा था कि राज्य में सरकार को अस्थिर करने और गिराने के प्रयास चल रहे हैं। जोशी ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक को लिखित शिकायत में कहा कि उनकी जानकारी में आया है कि कर्नाटक और मध्य प्रदेश की तरह राजस्थान में भी पार्टी के विधायकों को और सरकार को समर्थन दे रहे कुछ निर्दलीय विधायकों को खरीदने का कथित प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है जो सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि ऐसा प्रयास कौन कर रहा है। वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि कांग्रेस को राजस्थान में डर लग रहा है। उन्हें अपने विधायकों पर विश्वास नहीं है। मालूम हो कि कांग्रेस ने राजस्थान से केसी वेणुगोपाल और नीरज डांगी को अपना प्रत्याशी बनाया हुआ है जबकि, भाजपा ने राजेंद्र गहलोत और ओंकार सिंह को मैदान में उतारा हुआ है।