देश की राजनीति और नौकरशाही की इस सच्चाई की गहराई में जाने के लिए मैंने खूब शोध कार्य किया। अखबारों के माध्यम से भी कई मुद्दों को सामने रखा। मैंने एक सर्वे कंपनी शुरू करनी चाही, लेकिन यहां भी कंपनी का पंजीकरण कराने के लिए लंबा इंतजार करने के साथ मुझे घूस देना था। मैं रिश्वत के मकड़जाल में खुद को असहाय पा रहा था। मैंने तभी तय कर लिया कि मैं भ्रष्टाचार उन्मूलन के लिए कुछ न कुछ जरूर करूंगा।
सौभाग्य से मैं इतना सक्षम था कि पढ़ाई के सिलसिले में अमेरिका जा सका, जहां मैंने मैसाचुसेट्स यूनिवर्सिटी से सूचना प्रौद्योगिकी विषय में मास्टर डिग्री हासिल की। तकनीकी शिक्षा हासिल करने के बाद मैंने एक भ्रष्टाचार रोधी मंच की कल्पना की। मैंने महाराष्ट्र के पुणे, नासिक, ठाणे और मुंबई में एम्पजेन नाम का वेब पोर्टल लॉन्च किया। आगे चलकर इस पोर्टल की सेवाएं देश के सभी शहरों तह पहुंचाने की मेरी योजना है।
इस पोर्टल पर उपलब्ध विभिन्न सरकारी दफ्तरों की संपूर्ण जानकारी के आधार पर लोगों को अपनी शिकायत दर्ज करानी होगी। हमारी टीम संबंधित कार्यालय से संपर्क करके तब तक प्रयासरत रहेंगी, जब तक समस्या का समाधान न हो। अभी हमारा काम शुरुआती स्तर पर है, लेकिन मेरी योजना है कि मैं समाज के लिए कुछ करने की इच्छा रखने वालों को अपने साथ लेकर अपने मंच को भारत की क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराऊं। यह काम मेरी आंटी सरला और उन तमाम लोगों को श्रद्धांजलि है, जिन्होंने भ्रष्ट व्यवस्था के चलते बहुत कुछ गंवाया है।
-विभिन्न साक्षात्कारों पर आधारित।