'दादी की रसोई' का मेन्यु रोजाना बदलता है। यहां ताजी व हरी सब्जियों का ही इस्तेमाल होता है। चावल भी बासमती का होता है। साथ ही साफ-सफाई के साथ गुणवत्ता का भी पूरा ध्यान रखा जाता है।
अनूप खन्ना ने बताया कि उन्होंने इसकी शुरुआत अपनी दादी की आखरी इच्छा से की है। उनके मुताबिक, उनकी दादी सरोजनी खन्ना ने उनसे कहा कि अब वह सिर्फ खिचड़ी खाती हैं जिस वजह से उनके ऊपर होने वाला खर्च काफी कम है, इसलिए बचे पैसे से गरीबों को खाना खिलाओ।
अनूप कहते हैं कि दादी की यह बात मुझे पसंद आई और थोड़ा सोच विचार करने के बाद मैंने दादी की रसोई की शुरुआत की।