मध्यप्रदेश में चुनावी हलचल तेज है। चुनाव प्रचार ने रफ्तार पकड़ ली है। सत्ताधारी भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ा चुनावी मुकाबला देखने को मिल रहा है। इस चुनावी जंग पर चुनाव आयोग भी पैनी नजर रखे हुए है। इन सब के बीच विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने चार दिन पहले मुख्यमंत्री के एक कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर आयोग से शिकायत की है।
संतों के सम्मेलन में शामिल हुए थे मुख्यमंत्री
दरअसल चार दिन पहले श्यामला हिल्स स्थित हिंदी भवन में संत सम्मलेन का आयोजन हुआ था। बताया जा रहा है कि संतों के बुलावे पर मुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में शामिल हुए थे। कांग्रेस ने आयोग से शिकायत की है कि यह कार्यक्रम बिना अनुमति के हुआ जिसमें मुख्यमंत्री ने हिस्सा लिया। मामले की जांच कर जिला निर्वाचन अधिकारी सुदाम पी खाडे ने अपनी रिपोर्ट आयोग को भेज दी है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि साधु-संतों के इस सम्मलेन का आयोजन बिना अनुमति के श्यामला हिल्स स्थित हिंदी भवन में हुआ था। इसके लिए लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की भी इजाजत नहीं ली गई थी। राजा भोज एकल समिति के अध्यक्ष राजेश तिवारी ने इस कार्यक्रम का आयोजन करवाया था।
आयोजन समिति के खिलाफ दर्ज होगी एफआईआर
जिला निर्वाचन अधिकारी सुदाम पी खाडे के मुताबिक मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मौजूद जरूर थे मगर उन्होंने कोई वोट अपील नहीं की थी। हालांकि आयोजन समिति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। राजा भोज एकल समिति के अध्यक्ष राजेश तिवारी ने कहा कि उन्होंने अनुमति लेने के लिए प्रशासन को पत्र भेजा था।