तमिलनाडु विधानसभा उपचुनावों से काफी अजीब मामला सामने आया है जिससे चुनाव आयोग भी दुविधा की स्थिति में फंस गया है।
मामला आर.के नगर चुनावक्षेत्र का है। जहां 12 अप्रैल को विधानसभा के उपचुनाव होने वाले हैं। लेकिन यहां उम्मीदवारों की संख्या चुनाव आयोग के लिए सिरदर्द बनी हुई है। यहां स्क्रूटनी के बाद चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की संख्या 82 है। जबकि ईवीएम में केवल 63 उम्मीदवारों के नाम ही अंकित हो सकते हैं। इसके अलावा इसमें एक स्लॉट नोटा के लिए भी होता है।
चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार मुख्यपार्टियों के 82 में से 11 उम्मीदवार सांकेतिक हैं जिनका नाम पार्टी सोमवार तक वापस ले सकती है। लेकिन इसके बाद भी 9 उम्मीदवारों की संख्या ज्यादा होगा।
अगर उम्मीदवारों की संख्या ईवीएम में मौजूद स्लॉट्स के बराबर नहीं होती तो मतदान पैनल को मतपत्रों की पारंपरिक पद्धति यानी बैलेट पेपर का सहारा लेना होगा।
लेकिन पुराने तरीके का इस्तेमाल भी चुनाव आयोग के लिए मुश्किम भरा कदम ही होगा क्योंकि सभी चुनाव कर्मचारी सदस्यों को एम 2-प्रकार के ईवीएम के इस्तेमाल के लिए प्रशिक्षित किया गया है, इसके अलावा न तो वो मतपत्रों और न ही नवीनतम एम 3 प्रकार की मशीनों के लिए ही प्रशिक्षित हैं।