यह सुनकर पिंकी ने भी अपनी प्रेम कहानी पति को सुनाई और कहा कि वह भी एक लड़के से प्यार करती थी, लेकिन प्रपोज करने से पहले ही उसकी शादी हो गई। अब तक वह उसेे भुला नहीं पाई है।
ऐसी स्थिति में दोनों ने तय किया कि परिवार के लिए ही सही, जब तक दिल न मिल जाए, वे एक दूसरे के अच्छे दोस्त बनकर जिएंगे। इसके लगभग तीन माह बाद अचानक पिंकी के ससुर की मौत हो गई।
सचिन इससे पूरी तरह टूट गया, तब एक दोस्त का फर्ज निभाते हुए पिंकी ने उसे हौसला दिया। इस घटना के लगभग छह माह बाद एक यात्रा के दौरान पिंकी के गहने चोरी हो गए। तब सास ने उसे काफी बुरा-भला कहा। इससे नाराज होकर पिंकी अपने मायके चली गई। हालांकि उसे सचिन पर भरोसा था।
जब वहां चार महीने हो गए तो एक दिन अचानक सचिन का फोन आया और उससे वापस घर लौटने को कहा। साथ ही विश्वास दिलाया कि हर परिस्थिति में वह उसका साथ देगा। बस यही वो पल था जहां उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई।
एक साल 25 दिन बाद 25 मई 2018 को दोनों को एक दूसरे को प्रपोज किया और जीवन साथी की तरह रहने लगे। इसके बाद 30 सितंबर को पिंकी का गर्भपात हुआ तो सचिन ने ही उसे संभाला और एक मां की तरह देखभाल की।
अभी उनके कोई बेटा-बेटी नहीं है, लेकिन दोनों एक दूसरे का सहारा बनकर इसे रिश्ते को संजीदगी से जी रहे हैं। अपने रिश्ते में ईमानदारी और दोस्ती का फर्ज अदा करते हुए पिंकी और सचिन बेहद खुश हैं। उन्होंने समाज को संदेश दिया है कि रिश्ते में ईमानदारी होनी चाहिए। बस, एक दूसरे को दिल से समझें और सहारा बनें तो आपका वैवाहिक जीवन खुशहाल बन सकता है।