नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर के विरोध में देश के कई हिस्सों में धरना-प्रदर्शन हो रहे हैं। महाराष्ट्र में शुक्रवार को दलित नेता प्रकाश आम्बेडकर की पार्टी वंचित बहुजन आघाडी द्वारा सीएए और एनआरसी के विरोध में महाराष्ट्र बंद का आयोजन किया गया। इस दौरान राज्य के कई हिस्सों से पथराव की छुटपुट घटनाएं सामने आई है। हलांकि इस प्रदर्शन से सार्वजनिक परिवहन और जनजीवन खास प्रभावित नहीं हुआ।
सरकार ने राज्य में जगह-जगह पुलिस को तैनात कर रखा था। वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) ने सीएए और एनआरसी के खिलाफ और देश की आर्थिक स्थिति को लेकर महाराष्ट्र बंद करने का आह्वान किया था। यह प्रदर्शन शुक्रवार शाम चार बजे तक चला। वीबीए नेता आम्बेडकर ने पत्रकारों को बताया कि उनकी पार्टी द्वारा बुलाया गया महाराष्ट्र बंद शांतिपूर्ण रहा। पथराव या तोड़फोड़ करने वाले कुछ लोग वीबीए के सदस्य नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि बंद में व्यापारियों और दफ्तरों में काम करने वालों से अच्छा सहयोग मिला और मजदूर संघों के अलावा लगभग 100 राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने बंद का समर्थन किया। आंबेडकर ने कहा पुलिस ने अमरावती में कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया, लेकिन बाद में पुलिस को लगा कि उनकी कार्रवाई गलत थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बजरंग दल के कुछ कार्यकर्ता बंद के दौरान जबरन दुकानें खुलवाने की कोशिश कर रहे थे।
आंबेडकर ने कहा हमनें सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ संदेश दे दिया है। यह मुसलमानों के साथ-साथ हिंदुओं को भी प्रभावित कर रहा है इसके साथ ही, देश की अर्थव्यवस्था ध्वस्त हो गई है। उन्होंने बताया कि गुरुवार रात से इस विरोध के वजह से राज्य भर में वीबीए के लगभग 3,000 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। उन्होंने पुलिस से प्रदर्शनकारियों को रिहा करने का अनुरोध किया है, क्योंकि वे तोड़फोड में लिप्त नहीं थे।
मुंबई में यातायात बंद करने और पथराव की छिट-पुट घटनाओं को छोड़कर शहर में बंद का कोई खास असर नहीं देखने को मिला। एक अधिकारी ने बताया कि उपनगर चेम्बुर में स्वस्तिक पार्क के निकट अज्ञात लोगों ने एक बस पर पथराव किया और ठाणे के तीन हाथ नाका पर बड़ी संख्या में वीबीए समर्थक जमा हो गए। उन्होंने बताया कि बस का चालक विलास दभाड़े इसमें घायल हो गया और उसे उपनगरीय गोवंडी के शताब्दी अस्पताल में ले जाया गया। किसी यात्री को कोई नुकसान नहीं हुआ। एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने कई वीबीए कार्यकर्ताओं को इसलिए हिरासत में ले लिया जब घाटकोपर में ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर उन्होंने वाहनों को रोकने की कोशिश की।
इस बंद में मुंबई उपनगरीय और बाहरी ट्रेन सेवाएं, मेट्रो, मोनोरेल सेवाएं, टैक्सी और ऑटो-रिक्शा की सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहीं। रेलवे अधिकारी ने कहा कि सभी रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। कुर्ला, सायन-ट्रॉम्बे रोड, बाइकला, दादर, वडाला और अंधेरी जैसे इलाकों में बंद का आशिंक असर देखा गया।