महाराष्ट्र में विधान परिषद की रिक्त नौ सीटों पर चुनाव की घोषणा से महाराष्ट्र में राजनीतिक अस्थिरता का संकट टल गया है। इससे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के विधायक बनने का रास्ता साफ हो गया है।
डॉ. नीलम गोन्हे (शिवसेना), स्मिता वाघ, अरुण अडसड और पृथ्वीराज देशमुख (भाजपा), हेमंत टकले, आनंद ठाकुर और किरण पावस्कर (एनसीपी), हरिभाऊ राठौड़, चंद्रकांत रघुवंशी (कांग्रेस)।
महाराष्ट्र में विधान परिषद की नौ सीटों के लिए होने वाले चुनाव में प्रत्यके उम्मीदवार की जीत के लिए 29 वोट जरूरी है। फिलहाल, राज्य में सबसे अधिक संख्याबाल (105) भाजपा के पास है।
दावा किया जा रहा है कि भाजपा को 15 अन्य छोटे दलों व निर्दलीयों का समर्थन भी प्राप्त है। ऐसी स्थिति में भाजपा फायदे में रहेगी क्योंकि उसके चार सदस्य आसानी से चुनाव जीत सकते हैं। वहीं, शिवसेना- 56, एनसीपी- 54 और कांग्रेस के विधायकों की संख्या 44 है।
इस तरह इन तीन दलों की महाविकास आघाड़ी के विधायकों की संख्या 154 है। लेकिन, सत्तापक्ष के साथ छोटे दलों व निर्दलीयों सहित कुल 170 विधायकों का समर्थन होने का दावा किया जा रहा है। इससे महाविकास आघाड़ी के 5 उम्मीदवारों की जीत तय है।
भाजपा- 105, शिवसेना- 56, एनसीपी- 54, कांग्रेस- 44, बहुजन विकास आघाड़ी- 3, सपा- 2, एमआईएम- 2, प्रहार जनशक्ति-2, मनसे- 1, माकपा- 1, शेतकरी (किसाना) कामगार पार्टी- 1, स्वाभिमानी पार्टी- 1, राष्ट्रीय समाज पार्टी- 1, जनसुराज्य पार्टी- 1, क्रांतिकारी शेतकरी पार्टी- 1 और निर्दलीय 13