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आसान नहीं है प्रवासियों की घर वापसी, महाराष्ट्र सरकार ने तैयार की नियमावली

Thu, 30 Apr 2020 08:56 PM IST
Harendra Chaudhary सुरेंद्र मिश्र, अमर उजाला, मुंबई

सार

  • डीएम की अनुसंशा पर ही घर जा सकेंगे प्रवासी
  • प्रवासी श्रमिकों-छात्रों-नागरिकों को पहले करवाना होगा हेल्थ चेकअप
  • जिले में पहुंचने के बाद सभी को 14 दिन तक क्वरंटीन रखा जाएगा
  • निजी वाहनों से गांव जाने की तैयारी कर रहे लोगों पर भी लागू होगा यही नियम
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Migrants - फोटो : file
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विस्तार
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गृह मंत्रालय की ओर से अंतर्राज्यीय परिवहन शुरू करने के आदेश के बावजूद लॉकडाउन में फंसे प्रवासियों के लिए घर वापसी इतनी आसान नहीं है। प्रवासी श्रमिकों, छात्रों और नागरिकों को तमाम नियम-शर्तों का पालन करना होगा।

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वहीं, संबंधित जिले के जिलाधिकारी की अनुसंशा भी आवश्यक होगी। डीएम की अनुसंशा के बाद ही प्रवासियों के गांव जाने के लिए विशेष पास मिल सकेगा। इसको लेकर महाराष्ट्र सरकार ने नियमावली तैयार कर ली है।

लॉकडाउन में जगहृ-जगह फंसे प्रवासी मजदूर, श्रमिक और यात्री व अन्य नागरिकों को अन्यत्र जाने के लिए जिलास्तर पर कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत जिलाधिकारियों को जिले का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
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वहीं, राज्यस्तर पर मंत्रालय में नियंत्रण कक्ष के जरिए गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। महाराष्ट्र के जिलाधिकारियों को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को प्रवासियों की घरवापसी को लेकर तैयार नियमावली का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है।

इस तरह बनेगा यात्रा पास

जिलास्तर पर नोडल अधिकारी प्रवासियों की सूची तैयार कर अन्य राज्य के संबंधित जिलाधिकारी को सौंपेंगे। दूसरे राज्यों से लोगों के आने-जाने के लिए दोनों राज्य के अधिकारी एक दूसरे से बातचीत कर यह तय करेंगे कि किसी मार्ग से और किस वाहन से गंतव्य तक जाना है।

जिलाधिकारी अथवा राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के पत्र के बिना किसी को भी स्थलांतरण की अनुमति नहीं दी जाएगी। जिले में पहुंचने के बाद सभी को 14 दिन तक क्वरंटीन रखा जाएगा।

कोरोना के लक्षण मिलने पर नहीं मिलेगी यात्रा की अनुमति

प्रवासियों को दूसरे राज्यों में भेजने से पहले स्क्रीनिंग की जाएगी। जिन प्रवासियों में कोरोना संक्रमण के लक्षण पाए जाएंगे, उन्हें यात्रा की अनुमति नहीं मिलेगी। लक्षण विहीन प्रवासियों को यात्रा के लिए पात्र माना जाएगा।

इसलिए जिला प्रशासन को पत्र में यह अनिवार्य रूप से लिखना होगा कि संबंधित प्रवासी में किसी प्रकार के लक्षण नहीं पाए गए हैं। यही नियम उन प्रवासियों के लिए भी लागू होगा जो निजी वाहनों से गांव जाने की तैयारी में हैं।

अधिक जानाकारी के लिए यहां करें संपर्क

मंत्रालय में बनाए गए नियंत्रण कक्ष की जिम्मेदारी राजस्व विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. नितिन करीर, महिला व बाल विकास विभाग के प्रधान सचिव आई ए कुंदन, आपदा प्रबंधन विभाग के निदेशक अभय यावलकर को सौंपी गई है। नियंत्रण कक्ष में टेलिफोन क्रमांक 022-22027990-02222023039 के अलावा controlroom@maharastra.gov.in ईमेल पर संपर्क किया जा सकता है।

प्रवासियों के लिए तैयार हैं 10000 बसें- अनिल परब

महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री अनिल परब ने कहा कि राज्य सड़क परिवहन निगम (एसटी) की दस हजार बसों को तैयार रखा गया है। परब ने कहा कि प्रवासी मजदूरों को उनके गांव भेजने के लिए राज्य सरकार की ओर से हमारे विभाग को अभी तक कोई निर्देश नहीं मिला है। लेकिन निर्देश मिलते ही एसटी की बसों के माध्यम से प्रवासी मजदूरों को रवाना किया जाएगा।

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