सागर के युवाओं ने घायल चिड़िया से प्रेरित होकर समाजसेवा की अनोखी पहल शुरू की। वे अपने खर्च पर जलस्रोत भरते, सफाई करते और सड़क सुरक्षा के उपाय करते हुए सोशल मीडिया के जरिए जागरूकता भी फैला रहे हैं।
बुंदेलखंड के सागर जिले में इन दिनों युवाओं की एक प्रेरणादायक पहल चर्चा में है। यहां कुछ युवाओं ने यह साबित कर दिया है कि यदि इरादे नेक हों, तो सोशल मीडिया केवल मनोरंजन या प्रसिद्धि का माध्यम नहीं, बल्कि समाज सेवा का सशक्त जरिया भी बन सकता है। भीषण गर्मी के बीच ये युवा कहीं नालियां साफ करते नजर आते हैं तो कहीं जंगलों में वन्यजीवों की प्यास बुझाते दिखाई देते हैं।
एक घायल चिड़िया से शुरू हुआ ‘मिशन’
जेब से खर्च, पसीने से सेवा
हादसों को रोकने की भी पहल
इन युवाओं की सेवा केवल जल संरक्षण तक सीमित नहीं है। सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ये अंधे मोड़ों पर रिफ्लेक्टर और संकेतक बोर्ड भी
लगा रहे हैं, जिससे रात के समय होने वाले सड़क हादसों में कमी आ सके। इसके साथ ही स्कूलों के पास स्थित पुराने और जर्जर जलस्रोतों को पुनर्जीवित करने का जिम्मा भी उन्होंने उठाया है।