मध्यप्रदेश के चर्चित व्यापमं घोटोले में व्हिसिलब्लोअर्स ने अमिताभ बच्चन और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अपील की है कि वे इस वर्ष 10वां विश्व हिंदी सम्मेलन में न आएं।
अजय दूबे और पारस ने एक प्रेस कांफ्रेस के दौरान कहा कि व्यापमं घोटोले में बड़े पैमाने पर हुए एडमिशनों और भर्तियों में घोटालों हुए ने हजारों युवाओं की जिंदगी बर्बाद कर दी, जिसमें सरकार के मुखिया शिवराज सिंह चौहान की भी 'संदिग्ध' भूमिका है।
कॉंफ्रेंस के दौरान पारस और अजय ने संयुक्त रुप से कहा कि घोटाले के असली दोषी अभी तक सामने नहीं आए हैं, अब जबकि इस मामले की जांच सीबाआई के हाथ में है ऐसे में प्रधानमंत्री को इस कार्यक्रम का उद्घाटन करने के लिए नहीं आना चाहिए।
बात नहीं मानी तो धरना देंगे
उन्होंने कहा कि जब व्यापमं मुद्दा अपने चरम पर था तब प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ भी नहीं कहा और अब जबकि मामले की सीबीआई जांच हो रही है। ऐसे मौके पर भी प्रधानमंत्री को मुख्य़मंत्री शिवराज के साथ नहीं होना चाहिए।
अजय और पारस ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री मोदी और अभिनेता अमिताभ बच्चन ने अपना फैसला नहीं बदला तो वे 9 से 12 सितम्बर तक धरना देंगे।
ये है कार्यक्रम
भोपाल में 10 से 12 सितंबर तक होने वाला 10वां
विश्व हिंदी सम्मेलन इस बार लीक से हट कर होगा। सम्मेलन में हिंदी को
बढ़ावा देने के लिए पारिभाषिक की जगह बोलचाल की हिंदी के इस्तेमाल पर चर्चा
होगी और चर्चा के बाद रिपोर्ट भी तैयार की जाएगी। खासतौर पर प्रशासन, विज्ञान, सूचना प्रौद्योगिकी और बाल साहित्य में हिंदी की स्थिति पर बात होगी।
इस दौरान सत्र की अध्यक्षता संबंधित विषय से जुड़े मंत्री करेंगे। समापन सत्र में हिंदी सिनेमा के सुपरस्टार अमिताभ बच्चन ‘आओ अच्छी हिंदी बोलें’ विषय पर भाषण देंगे।
दरअसल आयोजन में खास दिलचस्पी ले रहे प्रधानमंत्री की इच्छा है कि इस बार इस सम्मेलन के जरिए हिंदी के लिए नई लकीर खींची जाए। यही कारण है कि सम्मेलन में इंटरनेट सेवा देने वाली दुनिया की शीर्षस्थ कंपनियों को भी निमंत्रित किया गया है। सम्मेलन का उद्घाटन पीएम नरेंद्र मोदी तो समापन गृह मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि इस बार हमारा इरादा हिंदी के हित में कुछ अलग तरह के प्रयोग करने का है। हम पारिभाषिक हिंदी के दायरे से बाहर निकल कर बोलचाल की मगर शुद्ध हिंदी को बढ़ावा दिए जाने की संभावनाओं पर विचार करेंगे।
ग्लैमर के लिए नहीं हैं अमिताभ
सुषमा ने सम्मेलन में अमिताभ को बुलाए जाने को ग्लैमर से जोड़े जाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि हिंदी सिनेमा में अमिताभ सबसे अधिक शुद्ध हिंदी बोलते हैं।
इसलिए तय किया गया कि अन्य लोगों को प्रेरित करने के लिए समापन सत्र के दौरान उन्हें अच्छी हिंदी बोलने संबंधी विषय पर अपनी बात रखने दी जाए।
सुषमा ने इसके लिए अमिताभ को अलग से राशि दिए जाने से भी इंकार किया और कहा कि वह विशिष्ट श्रेणी के अतिथि होंगे। इस श्रेणी के अन्य अतिथियों की तरह उनके भी आने-जाने और ठहरने की व्यवस्था की जाएगी।