विश्व बैंक ने मध्यप्रदेश के ई-शासन की दिशा में किए गए प्रयासों को सराहा है। विश्व बैंक की सीनियर गवर्नेंस एक्सपर्ट ग्रेस मोर्गन ने विशेषज्ञों के दल के साथ गुरूवार को सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से मुलाकात की। इस दौरान विजयवर्गीय ने मध्यप्रदेश मे ई-शासन तथा सूचना प्रौद्योगिकी के जनहित में उपयोग और विस्तार के संबंध में विशेषज्ञों को बताया। साथ ही विश्व बैंक से सूचना प्रौद्योगिकी, ई-शिक्षा, टेली-मेडिसिन और ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए सहायता संबंधित बात भी की।
सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने विशेषज्ञों को बताया कि राज्य में प्रशासन में कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए सूचना प्रौद्योगिकी का उच्चतम उपयोग किया जा रहा है। यही वजह है कि मध्यप्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी का सबसे अच्छा प्रयोग करने वाले देश के पांच राज्यों में शामिल है। साथ ही विजयवर्गीय ने प्राथमिक स्तर पर ई-शिक्षा के गांव-गांव तक प्रसार और टेली-मेडिसिन व्यवस्था के लिए प्रयास किए जाने की भी जानकारी दी।
विश्व बैंक के विशेषज्ञों के दल में पब्लिक सेक्टर मैनेजमेंट विशेषज्ञ इरविन एरियाधरम, साउथ एशिया पब्लिक सेक्टर टोनी वरहीजेन, गवर्नेस एडवाइजर रोल्नाड लोमे, सत्येन्द्र प्रसाद और सुरेश गुमालम शामिल थे। इस दौरान सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री के साथ-साथ मुख्यमंत्री के सचिव हरिरंजन राव भी उपस्थित थे।