आईएचएसडीपी आवास आवंटित करवाने के एवज पर 10 हजार की रिश्वत लेने के मामले में दैनिक वेतनभोगी प्रियंक सिंह ठाकुर पर कार्रवाई करते हुए उनकी समाप्त कर दी गई। आरोप है कि प्रियंक सिंह ठाकुर ने भवन आवंटित करने के नाम पर बीच सड़क पर रिश्वत ली थी। इस मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद प्रियंक सिंह पर ये कार्रवाई अमल में लाई गई।
बता दें कि मामला संज्ञान में आने के बाद नगर निगम अध्यक्ष मनीष पाठक ने मामले की जांच की। जांच में दोषी पाए जाने के बाद उन्होंने कठोर कार्रवाई के लिए कमिश्नर सत्येंद्र धाकडे को पत्र लिखा था। इसके बाद नगर निगम कमिश्नर ने मामले की जांच का जिम्मा उपायुक्त को सौंपा था। इसके बाद उपायुक्त ने दैनिक वेतन भोगी प्रियंक सिंह ठाकुर को संबंधित सवालों को लेकर तीन दिन के भीतर जवाब तलब करने को लेकर नोटिस जारी किया था। जवाब संतुष्टि पूर्वक न मिलने पर दोष सिद्ध पाए गए, जिसके आधार पर प्रेम सिंह ठाकुर पर नगर निगम कमिश्नर ने कठोर कार्रवाई करते हुए उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया। देखा जाए तो पूरे मामले पर नगर निगम अध्यक्ष मनीष पाठक के पत्राचार के अनुसार कार्रवाई पूरी हुई है।