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मध्यप्रदेश: पत्नी की इच्छा थी मरने के बाद सारे गहने महाकाल को भेंट करना, पति ने उज्जैन पहुंचकर 17 लाख के आभूषण किए दान

Sat, 23 Oct 2021 09:25 PM IST
सुभाष कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

झारखंड निवासी रश्मिप्रभा ने इच्छा की थी कि मेरी मृत्यु के बाद मेरे सभी गहने महाकाल मंदिर में दान कर देना। पति ने अपनी पत्नी की  इच्छा का सम्मान किया और महाकाल मंदिर पहुंचकर करीब 17 लाख के गहने दान किए।
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पति ने अपनी पत्नी की इच्छा का सम्मान किया और महाकाल मंदिर पहुंच 17 लाख के गहने दान किए। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विश्वप्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर के दर्शन के लिए देश-विदेश से भक्तगण आते हैं। भक्तों की श्रद्धा भी निराली है। हर कोई महाकाल के दर पर कुछ न देता है लेकिन कुछ भक्त ऐसे होते हैं जो जीते जी तो श्रद्धा के पुष्प चढ़ाते हैं लेकिन मृत्योपरांत भी अपना सबकुछ दे जाते हैं। 
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झारखंड की ऐसी ही एक भक्त की खबर आपको बताते हैं जिसने अपनी मृत्यु के बाद अपने सारे स्वर्ण आभूषण महाकाल के चरणों में अर्पित कर दिए। दरअसल जिंदगी हसरतों का नाम है, उम्मीदों का नाम है। हर कोई किसी न किसी हसरत को लिए जिंदगी जीता है। कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो अपनी अंतिम इच्छा बताकर शरीर छोड़ते हैं। ऐसी ही एक झारखंड निवासी रश्मिप्रभा ने की थी कि मेरी मृत्यु के बाद मेरे सभी गहने महाकाल मंदिर में दान कर देना। पति ने अपनी पत्नी की  इच्छा का सम्मान किया और महाकाल मंदिर पहुंचकर करीब 17 लाख के गहने दान किए।

झारखंड से मां के साथ पहुंचे उज्जैन
शनिवार को झारखंड निवासी संजीवकुमार पिता परमानंद प्रसाद अपनी माता सूरज प्यारी के साथ उज्जैन पहुंचे। यहां आकर महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। यहां मंदिर प्रशासन को सोने चांदी के गहने दान किए। इनकी कीमत लगभग 17 लाख रुपए है। मंदिर प्रशासन ने उनका सम्मान भी किया।
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महाकाल की भक्त थीं महिला
महाकाल मंदिर के प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ के अनुसार झारखंड के बोकारो से दानदाता आए थे। संजीवकुमार की पत्नी रश्मिप्रभा महाकाल की भक्त थीं। अक्सर उज्जैन में दर्शन के लिए आती थी। बीते कुछ समय से वे बीमार चल रही थीं। बीमारी के दौरान उन्होंने अपने पति व सास से कहा था कि मेरी मृत्यु के बाद मेरे सभी सोने के आभूषण महाकालेश्वर भगवान को भेंट कर दिए जाए। इसके चलते पति व सास उज्जैन पहुंचे और गहने भेंट किए।
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