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किसे मिलेगी भय्यूजी की 200 करोड़ की संपत्ति- विनायक, कुहू या आयुषी, कानून के जानकारों की है यह राय

Fri, 15 Jun 2018 04:19 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
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भय्यूजी महाराज
भय्यूजी महाराज की खुदकुशी के बाद उनकी संपत्ति का वारिस कौन होगा। यह सवाल भय्यूजी महाराज के सुसाइड नोट में संपत्ति को लेकर विनायक को अधिकार सौंपने की बात से खड़ा हुआ। 

इस सुसाइड नोट के दूसरे पन्ने में भय्यूजी महाराज ने लिखा है, "मैं अपनी सभी वित्तीय, संपत्ति और बैंक खाते संबंधी साइनिंग अथॉरिटी विनायक को सौंपता हूं, क्योंकि मुझे विनायक पर विश्वास है। मैं बिना किसी दबाव के लिख रहा हूं।" 

सुसाइड नोट को उनकी वसीयत मानते हुए यह माना जाने लगा कि भय्यूजी महाराज की संपत्ति का मालिकाना हक विनायक के पास है। हालांकि कानूनी जानकारों की राय इससे अलग है। 

सुप्रीम कोर्ट के वकील सुशील टेकरीवाल ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि इसे उनकी वसीयत नहीं माना जा सकता। उन्होंने कई बिंदुओं में इसे समझाया। 

1. इस तरह के कागज के टुकड़ों में मालिका हक सगे संबंधियों जैसे भाई, बहन, बेट, बेटी को छोड़कर अगर किसी परिवार से बाहर के व्यक्ति का नाम होता है तो यह संदेह पैदा करता है।

2. संपत्ति के उत्तराधिकारी अपना हक जता सकते हैं और कानूनी रूप से दावा ठोक सकते हैं। 

3. इस तरह के मामलों में बहुत कानून पचड़े होते हैं। 

4. ऐसे मामलों में आखिरकार कोर्ट ही मालिकाना हक तय कर सकती है। 

वसीयत स्पष्ट शब्दों में लिखी होनी चाहिए

कानून के जानकार बताते हैं कि ऐसी कई नजीरें हैं जिससे यह साफ है कि मालिकाना हक के लिए स्पष्ट शब्दों में वसीयत होती है और किसी खास परिस्थितियों के अलावा मूल उत्तराधिकारी का हक नहीं जाता है। डायरी में लिखी गई पंक्तियों को वसीयत का दर्जा नहीं मिलता है।
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- फोटो : Special Arrangement
शोकसभा में भी दिखी बेटी और सौतेली मां के बीच दूरी 

भय्यूजी मंच की शोकसभा में उनकी बेटी कुहू और दूसरी पत्नी डॉ. आयुषी मंच पर एक-दूसरे से तीन फीट की दूरी पर बैठी थीं। यह शोकसभा करीब एक घंटे तक चली जिसमें इतने करीब बैठे होने के बावजूद कुहू और डॉ. आयुषी ने एक दूसरे की ओर नहीं देखा। इस दृश्य में दोनों के बीच का तनाव स्पष्ट देखा जा सकता था। यहां तक कि शोकसभा में दोनों अलग-अलग गाड़ियों से आईं और मंच के पास दूरी बनाकर खड़ी रहीं। 
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Bhayyuji Maharaj wife Aayushi - फोटो : Special Arrangement
पूरी शोकसभा के दौरान डॉ. आयुषी गुमसुम बैठी रहीं। शोकसभा खत्म हुई तो आयुषी तुरंत अपने दोस्तों के साथ रवाना हो गई। एक बारगी ऐसा लगा कि वह मीडिया में कुछ बात करना चाहती थी। लेकिन वह गाड़ी में बैठकर रवाना हो गईं। 

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- फोटो : Special Arrangement
कुहू शोकसभा के दौरान हाथ जोड़कर संवेदना प्रकट करने वालों का आभार जताया। उसके हाथ जोड़ने के तरीके को देखकर लोग कहते वह बिलकुल महाराज की तरह प्रणाम करती है। 
महाराज के निधन के बाद कुहू और डॉ. आयुषी सुखलिया स्थित महाराज के पहले निवास शिवनेरी में ही रुकी हुई हैं। बंगले में तीन बेडरूम हैं। एक कमरा कुहू, दूसरा महाराज और तीसरा आयुषी का है। दोनों एक ही बंगले में रहकर मुंह तक नहीं देख रहीं। कुहू की देखभाल भय्यूजी महाराज के खास सेवादार विनायक कर रहे हैं तो आयुषी के साथ उनके परिजन मौजूद हैं। 
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- फोटो : Special Arrangement
नन्ही बेटी की आवाज भी गूंजती रही 

भय्यूजी महाराज और डॉ. आयुषी की चार महीने की बेटी भी शोकसभा के दौरान मंच पर थी। नन्ही मासूम की आवाज हॉल में गूंजती रही। कभी वह हंसती तो कभी किसी चीज को देखकर चिल्लाती। नन्हे हाथों से वह बार-बार अपनी मां को छूने की कोशिश भी करती। भय्यूजी के जाने के दुख में आयुषी इतनी गमजदा हैं कि वह इस नन्ही बच्ची पर भी ध्यान नहीं दे पा रहीं। बच्ची को हल्की-हल्की थपकी दी तो वह मासूम खेलते-खेलते सो गई। 
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कुहू ने किया अस्थि विसर्जन 

कुहू और महाराज के करीबी और रिश्तेदारों ने मुक्तिधाम में गुरुवार सुबह भय्यूजी महाराज की अस्थियां चुनीं। भय्यूजी महाराज की अस्थियां लेकर उनकी बेटी कुहू परिजनों एवं सूर्योदय आश्रम के सदस्यों के साथ गुरुवार दोपहर 2 बजे महेश्वर पहुंचीं। यहां नर्मदा के मुख्य घाट के पास ब्राह्मणों ने पूजन कराया। इसके बाद कुहू ने भय्यू महाराज की अस्थियों का विधि-विधान से विसर्जन किया। इस दौरान कुहू की आंखें से आंसू बह रहे थे। परिजनों ने उसे दिलासा दिया। अस्थि विसर्जन के बाद ब्राह्मणों ने नर्मदा घाट पर तीसरे दिन का क्रियाकर्म कराया। भय्यूजी महाराज कुछ साल पहले पिता और पत्नी माधवी की अस्थियां भी नर्मदा में विसर्जन करने आए थे। 
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ट्रस्ट की बैठक 15 दिन बाद होगी 

भय्यूजी महाराज की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि श्री सद्गुरु दत्त धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट को कौन संचालित करेगा। इसका जवाब 15 दिनों बाद ही मिले पाएगा जब ट्रस्ट की बैठक होगी। 
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bhayyuji maharaj
भय्यूजी महाराज की दो समाधि और एक छत्री बनाई जाएगी 

भय्यूजी महाराज की दो समाधि और एक छत्री बनाई जाएगी। एक समाधि महाराष्ट्र स्थित खामगांव और दूसरी इंदौर स्थित आश्रम में बनेगी। 
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