महाकाल की नगरी उज्जैन में आयोजित सिंहस्थ का आयोजन तो सदियों से होता रहा है। लेकिन मध्यप्रदेश में सिंहस्थ के दौरान मुख्यमंत्रियों की विदाई एक संयोग है या कोई शिव का तांडव कहां नहीं जा सकता। वर्ष 1956 में जब मध्यप्रदेश का गठन हुआ था उस वक्त उज्जैन में सिंहस्थ आयोजन 8 माह पूर्व ही सम्पन्न हुआ था।
उस समय प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री रविशंकर शुक्ला ने एक नवंबर से 31 दिसंबर 1956 तक प्रदेश की (दो माह के लिए) बागडोर संभाली। लेकिन उसके बाद जितने भी सिंहस्थ हुए उस समय भारतीय जनता पार्टी या संघ के समर्थन वाली संविद सरकार के मुख्यमंत्री रहे हैं और उनका सिंहस्थ के दौरान जाना तय माना गया है। इसे महज संयोग ही नहीं कहा जा सकता। मध्यप्रदेश में सिंहस्थ के समय मुख्यमंत्रियों की विदाई एक परंपरा बन चुकी है।
1956 के बाद वर्ष 1968 के बाद सिंहस्थ आयोजित हुआ और उसके 11 माह के भीतर ही 12 मार्च 1969 को गोविंद नारायण सिंह को मुख्यमंत्री पद से हटना पड़ा था।
| सिंहस्थ वर्ष |
मुख्यमंत्री |
कार्यकाल |
| 1956 |
रविशंकर शुक्ला |
1 नवंबर से 31 दिसंबर 1956 |
| 1968 |
गोविंद नारायण सिंह |
30 जुलाई 1967 से 12 मार्च 1969 |
| 1980 |
सुंदरलाल पटवा |
20 जनवरी से 1980 से 17 फरवरी 1980 |
| 1992 |
सुंदरलाल पटवा |
5 मार्च 1990 से 15 दिसंबर 1992 |
| 2004 |
उमाभारती |
8 दिसंबर 2003 से 23 अगस्त 2004 |
| 2016 |
शिवराज चौहान |
29 नवंबर 2005 से 11 दिसंबर 2018 |