रायसेन जिले में स्वास्थ्य मंत्री ओलावृष्टि से हुई खराब फसलों के नुकसान को देखने पहुंचे थे। अंधेरा होने से अफसरों ने टॉर्च की रोशनी में उन्हें कुदरत के कहर की बर्बादी के निशान बताए। अंधेरे में कैसा सर्वे हुआ होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
मध्य प्रदेश में बीते दिनों हुई ओलावृष्टि से बर्बाद फसलों का सर्वे होने लगा है। ऐसा ही एक सर्वे हुआ रायसेन जिले में। यहां स्वास्थ्य मंत्री रात के अंधेरे में खराब हुई फसलों का जायजा लेने पहुंचे थे। अफसरों ने टॉर्च की रोशनी में उन्हें कुदरत के कहर की बर्बादी के निशान बताए। अंधेरे में कैसा सर्वे हुआ होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। ग्रामीणों की चर्चा के मुताबिक ये सिर्फ खानापूर्ति के अलावा और कुछ नहीं है।
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जानकारी अनुसार प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री प्रभु राम चौधरी अपनी विधानसभा सांची क्षेत्र के ग्राम बारला एवं आसपास के ग्रामों में फसल बर्बाद का जायजा लेने पहुंचे। जहां पर साथ में एसडीएम नायब तहसीलदार सहित राजस्व की टीम मौजूद थी। खेत में पहुंचते समय अंधेरा होने पर अधिकारियों ने टॉर्च, मोबाइल टॉर्च जलाकर फसलें दिखाईं। स्वास्थ्य मंत्री प्रभु राम चौधरी ने खराब फसलों का सर्वे तेजी से करने के निर्देश दिए ताकि किसानों को जल्द से जल्द सहायता उपलब्ध कराई जा सके। स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश देते हुए कहा कि सर्वे कार्य में कोई भी किसान ना छूटे, प्रत्येक किसान की फसल नुकसान का आकलन किया जाए। किसानों को भी आश्वासन देते हुए कहा है शिवराज-मोदी सरकार आप सभी के साथ है। सभी के नुकसान की भरपाई सरकार द्वारा की जाएगी।
रायसेन कलेक्टर अरविंद दुबे ने बताया कि दो दिन पहले हुई ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है। इसका सर्वे शुरू करा दिया गया है। जो भी नुकसान हुआ है, उसकी क्षतिपूर्ति शासन के नियमानुसार की जाएगी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार चना-मसूर की फसल को ज्यादा नुकसान हुआ है। 25 प्रतिशत तक के नुकसान की जानकारी सामने आ रही है, पर सर्वे के बाद ही सही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं ग्रामीणों ने बताया कि नुकसान हुआ है। पर मंत्रीजी अगर दिन में सर्वे करते तो सही स्थिति का अंदाजा उन्हें होता।