ओंकारेश्वर बांध में पानी के स्तर को कम करने की मांग को लेकर नर्मदा बचाओ आंदोलन के नेता आलोक अग्रवाल समेत नौ विस्थापितों ने नर्मदा में जल सत्याग्रह की शुरुआत की। सभी शुक्रवार से ही कमर तक पानी में खड़े हैं और उनकी मांग है कि इलाके में रहने वाले 2000 परिवारों को बचाने के लिए बांध के जलस्तर में कमी करनी की जरूरत है।
अग्रवाल ने शनिवार को कहा कि हमारा विरोध तभी खत्म होगा, जब बांध का पानी कम कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नर्मदा हाइड्रोइलेक्ट्रिक डेवलपमेंट कारपोरेशन ने 21 अक्तूबर से बांध का जलस्तर बढ़ाना शुरू किया था, जिससे इसके आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। इस कदम से करीब दो हजार परिवार प्रभावित हुए हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, बांध का जलस्तर तभी बढ़ाया जा सकता है, जब आसपास में रहने वालों को पूरी तरह पुनर्वासित किया जा चुका हो।