सीबीआई ने मंगलवार को व्यापम घोटाला मामले में आरोपपत्र दायर किया। केंद्रीय एजेंसी ने वास्तव में उन आरोपों को खारिज कर दिया जिसमें कहा जा रहा था कि एक आरोपी के पास के जब्त हार्ड डिस्क में छेड़छाड़ की गई है जिसमें कथित तौर पर ‘सीएम’ अक्षरों का जिक्र था।
सीबीआई के तथ्यों से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बड़ी राहत मिलेगी जो अगले साल विधानसभा चुनाव का सामना करेंगे। विशेष सीबीआई अदालत के समक्ष दाखिल अपने आरोपपत्र में एजेंसी ने कहा कि मध्य प्रदेश व्यवसायिक परीक्षा मंडल के एक अधिकारी नितिन महिंद्रा से बरामद हार्ड डिस्क ड्राइव के मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा कराए गए फॉरेंसिक विश्लेषण से स्पष्ट हुआ है कि उनमें कोई ऐसी फाइल स्टोर नहीं थी जिसमें ‘सीएम’ अक्षर थे।
सीबीआई सूत्रों ने बताया कि उसने हार्ड डिस्क के साथ छेड़छाड़ के कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और व्हिसलब्लोअर प्रशांत पांडेय के आरोप को खारिज कर दिया। हार्ड डिस्क को करोड़ों रुपये के भर्ती घोटाले में अहम सबूत माना जा रहा था। इसमें कहा गया है कि पांडेय ने अपने दावे के सर्मथन में दिल्ली हाईकोर्ट और सीबीआई को दो पेन ड्राइव सौंपे थे।
पांडे ने दावा किया था कि इंदौर पुलिस ने 2013 में बरामद हार्ड डिस्क में छेड़छाड़ की थी ताकि रिकार्ड से ‘सीएम’ शब्द हटाए जा सकें।