भिंड में पंचायत चुनाव को लेकर चुनावी सरगर्मी तेज हो उठी हैं। इसी बीच गोहद विधानसभा क्षेत्र के महुरी गांव के लोगों ने चुनाव का बहिष्कार का एलान कर दिया है। ग्रामीणों ने गांव के बाहर पोस्टर और बैनर लगाकर वोट न मांगने की अपील की है।
मीडिया रिपोर्टस के अनुसार ग्रामीणों का कहना है कि गांव में न स्कूल है और न ही सड़क। पहले सड़क और स्कूल होना चाहिए, तब वोट देंगे। लोगों ने बताया कि सुविधाओं के लिए कई बार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को लिखित और मौखिक शिकायत कर चुके हैं लेकिन सुनवाई अब तक नहीं हुई। जिसके बाद उन्होंने वोट नहीं करने का फैसला लिया है।
गांव वालों ने बताया कि वे आजादी के बाद से ही मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। गांव का मुख्य मार्ग कच्चा है और उस पर गंदगी और कीचड़ भरा रहता है। गांव में मिडिल स्कूल नहीं होने से बच्चों को चार किमी पैदल चलकर शेरपुर गांव में पढ़ने के लिए जाना पड़ता है। वहीं मुक्तिधाम के लिए रास्ता तक नहीं है। गांव में शिक्षा के नाम पर सिर्फ एक प्राथमिक स्कूल है, लेकिन उसकी भी बाउंड्री वॉल तक नहीं है। वो कई सालों से जनप्रतिनिधियों को शिकायत कर चुके हैं लेकिन उन्हें आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिलता। नेता सिर्फ वोट मांगने आ जाते हैं। कच्ची सड़क होने से बारिश में अन्य गांव से संपर्क टूट जाता है। 2018 में गांव में पानी भर गया था। जिससे सात लोगों की मौत हो गई थी।
बता दें कि ग्राम पंचायत शेरपुर के अंतर्गत आने वाले महूरी गांव की आबादी 1250 है। जिसमें कुल मतदाता 688 हैं।
ग्रामीणों को समझाइश दी जाएगी
गोहद एसडीएम ने कहा कि महुरी गांव के ग्रामीणों को समझाने के लिए जनपद पंचायत सीईओ को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की मांगे अभी तक क्यों पूरी नहीं हुई, इस बात का पता किया जाएगा।