मध्यप्रदेश के बालाघाट में बॉलीवुड अभिनेत्री विद्या बालन अपनी फिल्म 'शेरनी' की शूटिंग करने के लिए पहुंची। बताया गया कि सूबे के वन मंत्री विजय शाह ने अभिनेत्री को डिनर का न्योता दिया, लेकिन विद्या बालन ने इसे अस्वीकार कर दिया। इसके बाद अभिनेत्री के प्रोडक्शन टीम के वाहनों को शूटिंग के लिए जंगल में प्रवेश करने से कथित रूप से रोक दिया गया। वहीं, इस मामले पर मंत्री विजय शाह का कहना है कि डिनर की पेशकश शूटिंग टीम की तरफ से की गई थी, जिस पर मैंने कहा था कि यह संभव नहीं हो पाएगा।
वन मंत्री शाह ने कहा, 'बालाघाट में शूटिंग करने वाली टीम ने प्रशासन से अनुमति ली थी, इसके बाद उन्होंने मेरे साथ डिनर का अनुरोध किया था। मैंने कहा कि अभी यह संभव नहीं है। मैं महाराष्ट्र जाने पर उनसे मिलूंगा। डिनर का प्रोग्राम रद्द कर दिया गया था। ना कि शूट को रोका गया था।'
गौरतलब है कि बॉलीवुड अभिनेत्री विद्या बालन बीते दिनों जब 'शेरनी' की शूटिंग के लिए आठ नवंबर को बालाघाट पहुंची थीं, उसी दिन विद्या बालन से मिलने प्रदेश के वन मंत्री विजय शाह पहुंच गए। वन मंत्री ने मुलाकात के बाद विद्या बालन को डिनर का न्योता दिया तो विद्या बालन थोड़ी असहज हो गईं उन्होंने मंत्री जी की पेशकश ठुकरा दी।
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'शेरनी' की प्रोडक्शन टीम दूसरे दिन जब 'शेरनी' शूट करने गई तो बालाघाट दक्षिण के जिला वन अधिकारी जीके बरकड़े ने यह कहकर टीम की गाड़ियां रोक दीं कि सिर्फ दो गाड़ियां ही अंदर जाएंगी। इस पर जब मामला राज्य शासन के स्तर तक पहुंचा तो आनन-फानन में सारी गाड़ियों को अंदर जाने की अनुमति दिलाई गई।
जानें क्या है पूरा मामला
फिल्म की प्रोडक्शन यूनिट ने 20 अक्तूबर से 21 नवंबर तक शूटिंग की स्वीकृति ली थी। जब विद्या बालन शूटिंग के लिए पहुंची तो वन विभाग ने अभिनेत्री से मिलने की इच्छा जताई। अभिनेत्री और मंत्री के मिलने का समय आठ नवंबर को सुबह 11 से 12 बजे के बीच तय हुआ।
इसके बाद शाम चार बजे वन मंत्री शाह को बालाघाट से महाराष्ट्र के ताडोबा अंधारी टाइगर रिजर्व जिला चंद्रपुर के लिए रवाना होना था। ताडोबा में उनकी रात को ठहरने की योजना थी, लेकिन वे भरवेली खदान के गेस्ट हाउस में रुक गए। चूंकि विद्या बालन महाराष्ट्र के गोंदिया में रुकी हुई थीं, इसलिए उन्होंने मंत्री जी के साथ रात का खाना खाने से इनकार कर दिया।
मंत्री जी की पेशकश ठुकराने का असर यह हुआ कि जब दूसरे दिन फिल्म प्रोडक्शन के लोग साइट पर पहुंचे तो डीएफओ ने यूनिट की गाड़ियां रोक दीं। इसके बाद वन विभाग के इस रवैये की जानकारी राज्य शासन तक पहुंच गई, इसके बाद तुरंत डीएफओ को निर्देशित किया गया और शूटिंग शुरू हुई।