मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पूर्व कांग्रेस विधायक चौधरी गंभीर सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर जवाब दाखिल नहीं करने के लिए राज्य सरकार पर 50,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। सिंह पर सितंबर में छिंदवाड़ा जिले के चौराई में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान एक एसडीएम के चेहरे पर कालिख पोतने का आरोप है।
उनके वकील वरुण तन्खा ने कहा कि मामला दर्ज होने के बाद उन्होंने गिरफ्तारी से पहले जमानत के लिए याचिका दायर की थी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय यादव और न्यायमूर्ति सुजॉय पॉल की खंडपीठ ने शुक्रवार को कहा कि राज्य और उसके पदाधिकारियों को बार-बार दिए गए अवसरों के बावजूद 23 अक्तूबर, 2020 से जवाब दाखिल नहीं किया गया है।
खंडपीठ ने उच्च न्यायालय कानूनी सेवा समिति के अधीन 50,000 रुपये का जुर्माना लगाते हुए कहा कि राज्य को जवाब दाखिल करने का एक आखिरी अवसर मिलेगा। सरकार जवाब दाखिल नहीं करने के लिए जिम्मेदार अधिकारी से राशि वसूल सकती है। कोर्ट मामले की अगली सुनवाई एक दिसंबर को करेगी।