सोमवार को अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर विदिशा जिले के सरकारी अस्पताल में अलग-अलग महिलाओं ने 11 नवजात बच्चों को जन्म दिया। श्रीराम प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर जन्मे बच्चों के घरों में खुशी का माहौल है।
बता दें कि जिन महिलाओं के प्रसव को लेकर आज समय तय नहीं था, उन्होंने भी ऑपरेशन करवाकर बच्चों को जन्म दिया। परिवार वाले भगवान राम के नाम पर अपने बच्चों का नामकरण करेंगे। 22 जनवरी को अयोध्या में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा हो गई। यह दिन भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन माना जाएगा। वहीं, जिन घरों में बच्चों ने जन्म लिया है, वहां भी अत्यंत खुशी का माहौल है। विदिशा के सरकारी चिकित्सालय में 12 घंटे में लगभग अलग-अलग महिलाओं ने 11 बच्चों में जन्म दिया है, जिन्हें परिवार के लोग भगवान रामलला का वरदान मान रहे हैं।
इस अवसर पर कई लोग ऐसे थे, जिन्होंने ऑपरेशन कराकर बच्चों को जन्म दिया। क्योंकि ऐसी शुभ घड़ी शायद फिर कभी न मिले, इसी दिन को यादगार बनाने के लिए परिजनों ने यह निर्णय लिया था। वहीं, परिजनों का कहना है कि आज के दिन उनके परिवार में जिन बच्चों ने जन्म लिया है। उनका नाम भगवान रामलला के नाम पर रखा जाएगा। क्योंकि आज हमारे परिवार में जो चिराग आया है, वह भगवान श्रीराम की ही देन है।