मध्यप्रदेश में उमरिया जिले के बांधवगढ़ नेशनल पार्क की पहाड़ियों में स्थित बांधवाधीश मंदिर में सिर्फ कृष्ण जन्माष्टमी के दिन ही आम लोगों को जाने की एंट्री दी जाती है। कृष्ण जन्माष्टमी के दिन इस मंदिर में बड़ा उत्साह होता है। मेला लगता है और दूर-दूर से लोग आते हैं। साल में सिर्फ एक बार दर्शन मिलते हैं, इसलिए लोगों में उत्सुकता भी बनी रहती थी, लेकिन इस बार पार्क प्रबंधन ने आम लोगों को वहां जाने से साफ इनकार कर दिया और इसके लिए वहां हाथियों का मूवमेंट होना बताया।
इस बात को लेकर आम लोग और सिरमौर विधायक दिव्यराज सिंह संतुष्ट नहीं हुए और विधायक दिव्यराज सिंह गुरुवार को ही उमरिया जिले पहुंच गए। जहां उन्होंने पार्क प्रबंधन और कलेक्टर से बात की, लेकिन जब उनकी बात नहीं मानी गई तो गुरुवार को शाम पांच बजे से ही दिव्यराज सिंह धरने पर बैठ गए, जो जन्माष्टमी के दिन भी जारी रही और सुबह से करीब 12 बजे तक जिला प्रशासन और विधायक आमने-सामने रहे, अपनी-अपनी बातों पर अड़े रहे।
विधायक और प्रशासन आमने-सामने
शुक्रवार सुबह से ही माहौल काफी गरमाया रहा, बांधवगढ़ के ताला गेट के पास ही विधायक धरने पर बैठे रहे। उनके साथ आम लोग भी बैठे रहे, काफी संख्या में वहां लोग नजर आ रहे थे, इतना ही नहीं उमरिया जिले के बीजेपी नेता भी वहां पहुंच गए और धरने पर बैठे रहे। इस बीच एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें उमरिया जिले के कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव और विधायक दिव्यराज के बीच इस बात को लेकर जमकर बहस भी हो रही है।
साल में एक बार दर्शन को मिलता है मौका
बांधवगढ़ का बांधवाधीश मंदिर उमरिया जिला ही नहीं, बल्कि पूरे विंध्य क्षेत्र की ऐतिहासिक परंपरा और आमजन की आस्था का केंद्र है। इसी के तहत बांधवगढ़ नेशनल पार्क में स्थित बांधवाधीश मंदिर सिर्फ एक बार ही जन्माष्टमी के दिन कुछ ही समय के लिए खुलता है। इस पवित्र मौके पर कई हजार की संख्या में श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए अपना रजिस्ट्रेशन भी करवाते हैं। सुबह ब्रह्म मुहूर्त में रीवा रियासत की तरफ से महाराज पुष्पराज और उनके प्रतिनिधि पूजा-अर्चना करते हैं। आसपास के दूसरे जिलों से हजारों की तादाद में लोग पहुंचते हैं, लेकिन इस बार वहां न जाने देने की वजह से लोगों में काफी नाराजगी देखने को मिली।
ये हुआ फैसला
गुरुवार शाम से ही धरने पर बैठे विधायक दिव्यराज और आम लोग सुबह भी धरने पर बैठे रहे काफी तादात में भीड़ रही। इस बीच जिला प्रशासन और विधायक दिव्यराज के बीच में काफी बातें भी हुईं। मान-मनौवल का दौर भी चला, आखिर में यह फैसला लिया गया कि बांधवाधीश मंदिर में दिव्यराज कुछ लोगों के साथ जाएंगे और वहां पूजा-अर्चना कर वापस लौटेंगे।
विधायक दिव्यराज के मुताबिक, हम चाहते थे कि मंदिर हर साल की तरह सभी के लिए खुले, लेकिन यहां के फील्ड डायरेक्टर ने जो बात रखी है उसमें उन्होंने कहा है कि हाथी रास्ते पर है पहली बात तो हम उसको देखने भी जा रहे हैं। दूसरी बात दर्शन करने भी जा रहे हैं, मुझे अफसोस है कि मैं अकेले और अपने कुछ साथियों के साथ जा पा रहा हूं। यहां की जनता नहीं जा पा रही है, मैं आशा करूंगा कि उमरिया और उसके आसपास रीवा की जनता आने वाले भविष्य में और ऐसे दुखद समय को न देखें और बांधवाधीश मंदिर में को जन्माष्टमी के दिन अच्छे तरीके से भगवान के दर्शन करे।