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भोपाल: निगम परिषद में कमीशन के बयान पर घमासान, भाजपा ने शबिस्ता जकी से मांगी माफी; कांग्रेस ने भी घेरी आसंदी

Sat, 24 Oct 2026 02:36 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी के कमीशन संबंधी बयान पर भाजपा ने हंगामा करते हुए माफी की मांग की। विवाद के कारण कार्यवाही 15 मिनट स्थगित रही। पार्किंग, लीज, दूषित पानी और सफाई व्यवस्था के मुद्दे भी उठे।

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भोपाल नगर निगम - फोटो : AI
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विस्तार
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नगर निगम परिषद की बैठक में शनिवार को कमीशन शब्द को लेकर भाजपा और कांग्रेस पार्षद आमने-सामने आ गए। नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी के यह कहने पर कि ‘मैं कमीशन नहीं लेती’, भाजपा पार्षदों ने कड़ी आपत्ति जताई और अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी की आसंदी घेर ली। भाजपा पार्षदों ने जकी से माफी मांगने की मांग की, लेकिन वह अपने बयान पर कायम रहीं। विवाद बढ़ने पर कांग्रेस पार्षदों ने भी आसंदी के पास पहुंचकर नारेबाजी की। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

बैठक आईएसबीटी स्थित मीटिंग हॉल में हुई। शुरुआत में अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने सरकार द्वारा नियुक्त 12 एल्डरमैन और नए निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार का परिचय कराया। प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने वर्ष 2024-25 और 2026-27 की ऑडिट आपत्तियों के बावजूद किए गए भुगतानों पर सवाल उठाए। इसके बाद निगम के प्रस्तावों पर चर्चा के दौरान विवाद बढ़ गया।

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‘मैं कमीशन नहीं लेती’ बयान पर भाजपा ने जताई आपत्ति
न्यू मार्केट मल्टीलेवल पार्किंग के चौथे फ्लोर पर बने हॉल को किराए पर देने के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान शबिस्ता जकी ने कहा, ‘मैं कमीशन नहीं लेती।’ उनके इस बयान पर एमआईसी सदस्य रविंद्र यती, मनोज राठौर, सुषमा बवीसा, अशोक वाणी, आनंद अग्रवाल, जितेंद्र शुक्ला और जगदीश यादव ने आपत्ति जताई। अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कहा कि बिना तथ्यों और सबूतों के इस तरह के आरोप नहीं लगाने चाहिए। उन्होंने जकी से माफी मांगने को कहा। भाजपा पार्षदों ने भी उनके बयान पर आपत्ति जताते हुए माफी की मांग की।

जकी बोलीं- मैंने किसी का नाम नहीं लिया
भाजपा पार्षदों की आपत्ति पर शबिस्ता जकी ने अपने बयान का बचाव किया। उन्होंने कहा, ‘मैं डंके की चोट पर बोल रही हूं। मैंने किसी का नाम नहीं लिया। इन्हें क्यों बुरा लग रहा है? मैंने अपने लिए कहा है कि शबिस्ता कमीशन नहीं खाती।’ जकी के जवाब के बाद विवाद और बढ़ गया। कांग्रेस पार्षदों ने भी अध्यक्ष की आसंदी के पास पहुंचकर नारेबाजी की। भाजपा पार्षदों ने कांग्रेस के विरोध पर आपत्ति जताई। हंगामे के बीच अध्यक्ष ने बहुमत के आधार पर प्रस्ताव पारित कर दिया, जिसका विपक्ष ने विरोध किया। इसके बाद सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई। स्थगन के बाद बैठक दोबारा शुरू हुई।
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निगम मुख्यालय के हिस्से 20 साल तक किराए पर देने की तैयारी
बैठक में नए निगम मुख्यालय के सर्विस ब्लॉक और कैफेटेरिया को किराए पर देने का प्रस्ताव भी विवाद का विषय बना। पहले सर्विस ब्लॉक को दो साल के लिए देने का निर्णय था, लेकिन अब इसे 10 साल के लिए देने और आगे 10 साल के नवीनीकरण का प्रावधान रखा गया है। इस तरह इसे अधिकतम 20 साल तक किराए पर दिया जा सकेगा।

कांग्रेस पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान और अजीजउद्दीन ने प्रस्ताव पर आपत्ति जताई। शबिस्ता जकी ने एजेंडे को स्पष्ट नहीं बताते हुए प्रस्ताव वापस लेने की मांग की। वहीं, भाजपा पार्षद देवेंद्र भार्गव ने इसे निगम की आय बढ़ाने वाला प्रस्ताव बताया। महापौर मालती राय ने स्पष्ट किया कि कैफेटेरिया किराए पर दिया जाएगा, जबकि नीचे के हिस्से को बैंक आदि के लिए लीज पर देने की योजना है। एमआईसी सदस्य जगदीश यादव ने न्यू मार्केट मल्टीलेवल पार्किंग के नीचे अवैध कब्जे का मुद्दा भी उठाया। इस पर अध्यक्ष ने निगम आयुक्त को कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

दूषित पानी के चार नमूने जांच में फेल
प्रश्नकाल में कांग्रेस पार्षद देवांशु कंसाना ने दूषित पानी और उसकी जांच का मुद्दा उठाया। एमआईसी सदस्य रविंद्र यती ने बताया कि पानी के चार नमूने जांच में फेल हुए थे। ये नमूने निजी ट्यूबवेल से लिए गए थे। उन्होंने गंदे पानी से संबंधित 901 शिकायतों का निराकरण किए जाने की जानकारी भी दी। कंसाना ने अपने वार्ड में चार इंच के बजाय छह से आठ इंच की पाइपलाइन बिछाने की मांग की। भाजपा के वरिष्ठ पार्षद सुरेंद्र बाडिका और एमआईसी सदस्य मनोज राठौर ने भी इस मांग का समर्थन किया।

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स्कूलों के विकास और सफाई कर्मचारियों की भर्ती की मांग
वार्ड-46 के कांग्रेस पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान ने शिक्षा उपकर से मिलने वाली राशि और सरकारी स्कूलों में हुए विकास कार्यों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनता से उपकर वसूला जाता है, लेकिन अब तक केवल 12 लाख रुपये ही खर्च हुए हैं। उन्होंने अपने वार्ड के सरकारी स्कूलों के जीर्णोद्धार के लिए राशि जारी करने की मांग की। इस पर अध्यक्ष ने निगम आयुक्त को शिक्षा उपकर की राशि स्कूलों के विकास कार्यों में खर्च करने की व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।

कांग्रेस पार्षद मो. सरवर ने सभी 85 वार्डों में सफाई कर्मचारियों की कमी का आकलन कर जरूरत के मुताबिक भर्ती करने की मांग उठाई। वहीं, वार्ड-5 के पार्षद अशोक मारण ने संत नगर में नए विसर्जन घाट का निर्माण शुरू नहीं होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि महापौर की घोषणा के बावजूद काम शुरू नहीं हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है।

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दिशा सूचक बोर्डों पर नेताओं की तस्वीरों को लेकर सवाल
कांग्रेस पार्षद नसीम गफूर ने प्रमुख मार्गों पर लगे दिशा सूचक बोर्डों पर मंत्री, विधायक और महापौर की तस्वीरें लगाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने सवाल किया कि लोगों को रास्ता बताने वाले बोर्डों पर राजनीतिक विज्ञापन क्यों लगाए जा रहे हैं। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस, दोनों दलों के नेताओं के विज्ञापन हटाने की मांग की।

एमआईसी सदस्य जगदीश यादव ने बताया कि शहर के 85 वार्डों में 95 दिशा सूचक बोर्ड लगे हैं। इनके आधे हिस्से में एजेंसी के माध्यम से विज्ञापन की अनुमति दी जाती है। निगम के अनुसार, इन बोर्डों से वित्तीय वर्ष 2025-26 में 9.14 करोड़ रुपये और चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 6.79 करोड़ रुपये की आय हुई है।

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