इस मंदिर में हनुमानजी की अदालत भी है। इस अदालत में भक्त न्याय के लिए अर्जी लगाते है। चाहे वह कोर्ट, कचहरी, शादी विवाह, प्रेम विवाह, प्रॉपर्टी से संबंधित, व्यापार या अन्य किसी विषय से संबंधित हो। कहते हैं बाल केशरी के न्यायालय से न्याय मिलता है।
छिंदवाड़ा के तिलक मार्केट का बाल केशरी नंदन हनुमान मंदिर सैकड़ों साल पुराना मंदिर है। इस मंदिर की विशेषता यह है कि अयोध्या के बाद दूसरा पूर्व मुखी हनुमान मंदिर है। जो कुबेर यंत्र के गर्भगृह में विराजमान है। जहां देश भर से भक्त दर्शन करने आते हैं। भक्त बाल रूप हनुमान जी से जो भी मांगते हैं उनकी मनोकामना पूर्ण होती है। यहां हर शनिवार और मंगलवार को बजरंगबली से हर कोई अर्जी लगाने आता है तथा एक पत्र लिखकर अपनी अर्जी बजरंगबली के सामने रखता है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि यहां जिस किसी ने भी सच्चे मन से अपनी अर्जी लगाई है उसकी हर मनोकामना पूर्ण हुई है। इस बात का प्रमाण है कि हर शनिवार और मंगलवार को बजरंगबली के दरबार में काफी संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ती है, जिसमें कई ऐसे भक्त भी शामिल होते हैं जिनकी बजरंगबली ने मुराद पूरी की है।
विज्ञापन
बाल रूप में विराजे है बजरंगबली
इस मंदिर की पहली विशेषता यह है कि यहां हनुमान जी बाल रूप में भगवान राम-सीता और लक्ष्मण जी के साथ कुबेर यंत्र के गर्भगृह में अग्नि कुंड में विराजमान हैं। इस मन्दिर की दीवारें नारियल की है। यहां आने वाले श्रद्धालु दर्शन करने के साथ-साथ अपनी मनोकामना लेकर आते हैं। मनोकामना पूर्ण करने हनुमानजी को नारियल भेंट स्वरूप चढ़ाते है। इस तरह मंदिर में लाखों की तादाद में नारियल चढ़े हैं।
दरबार में लगी हैं हजारों अर्जियां
इस मंदिर में हनुमानजी की अदालत भी है। इस अदालत में भक्त न्याय के लिए अर्जी लगाते है। चाहे वह कोर्ट, कचहरी, शादी विवाह, प्रेम विवाह, प्रॉपर्टी से संबंधित, व्यापार या अन्य किसी विषय से संबंधित हो। कहते हैं बाल केशरी के न्यायालय से न्याय मिलता है। कोई भी भक्त यहां से खाली हाथ नहीं लौटता। मंदिर के मुख्य पुजारी अनिल मालवी का कहना है पूर्व मुखी अवस्था में बाल हनुमान जी की मूर्ति एक अयोध्या में है और दूसरी छिंदवाड़ा में है। यहां दूर दूर से भक्त आते हैं, अपनी मनोकामना की अर्जी लगाते हैं और पूरी होने पर यहां पूजा अर्चना कर पूरी श्रद्धा के साथ नारियल बांधते हैं। इस मंदिर में कोई दीवार नहीं है, बल्कि भक्तों ने मंदिर में नारियल की दीवार बना दी है।
विज्ञापन
मंदिर में रखी अर्जियों को देखकर अंदाजा लगया जा सकता है कि हनुमानजी की अदालत में कितने फैसले होते हैं। अर्जियों की एक दीवार सी बन गई है। वहीं, भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार यहां रखी कापी में राम नाम भी लिखते हैं। कुछ घर भी ले जाते हैं जब कापी भर जाती है तब हनुमानजी को अर्पित कर देते हैं। जनता कॉलोनी निवासी एक श्रद्धालु ने मनोकामना पूरी होने पर अपनी एक माह की पूरी सैलरी भगवान को अर्पित कर दी है। छिंदवाड़ा निवासी ईशान मैद का कहना है पिछले कई वर्षों से इस मंदिर से आस्था है। मैंने भी अपनी मनोकामना लिख कर दी थी, पूरी होने के बाद हमने भी केसरी नंदन हनुमान मंदिर में नारियल चढ़ाए हैं।